शराब माफियाओं का दुस्साहस, बिहार पुलिस पर पालीगंज में हुआ हमला, छापेमारी के दौरान दो दरोगा घायल
बिहार के पालीगंज में शराबबंदी के बावजूद शराब माफियाओं के दुस्साहस ने पुलिस को भी चौंका दिया। शनिवार की सुबह, पालीगंज के रानी तालाब थाना क्षेत्र में पुलिस की टीम ने शराब की बड़ी खेप की सूचना के बाद छापेमारी की योजना बनाई थी, लेकिन इस छापेमारी के दौरान शराब के धंधेबाजों ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। हमले में दो दारोगा समेत कई पुलिसकर्मी बुरी तरह घायल हो गए और पुलिस के वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।
शनिवार सुबह करीब 9 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि होली के मौके पर शराब माफियाओं ने पालीगंज के राघोपुर मुसहरी गांव में शराब की एक बड़ी खेप मंगाई है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने गांव में छापा मारा, लेकिन जैसे ही पुलिस टीम वहां पहुंची, शराब के धंधेबाजों और उनके गुर्गों ने उन पर पत्थरों से हमला करना शुरू कर दिया। पुलिसकर्मी हमले में बुरी तरह से घायल हो गए और पुलिस वाहनों को भी तोड़ दिया गया।
हमले में पुलिस के दो दरोगा गंभीर रूप से घायल हुए, वहीं कई अन्य जवानों को भी चोटें आईं। घटना के बाद पुलिस को अपनी जान की सलामती के लिए वहां से भागना पड़ा। सूचना मिलने के बाद आसपास के क्षेत्रों से पुलिस की अतिरिक्त टीमों को मौके पर भेजा गया। डीएसपी सहित तीन थानों की पुलिस को तैनात किया गया है, लेकिन घटना के बाद से इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
हालांकि, अब तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं मिली है। पुलिस ने शराब के धंधेबाजों की तलाश तेज कर दी है और पूरे गांव में छानबीन की जा रही है। इस बीच, पुलिस अधिकारियों ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लेकिन यह घटना बिहार में शराब माफियाओं की बढ़ती ताकत और उनके खिलाफ कार्रवाई में पुलिस की चुनौतियों को सामने लाती है।
इस घटना ने राज्य में शराबबंदी के नाम पर चल रही नीति की गंभीरता पर सवाल खड़ा कर दिया है, खासकर तब जब शराब माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करना पुलिस के लिए जोखिम भरा हो गया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस किस तरह से इन माफियाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाती है और इस मामले में कौन-कौन से आरोपित पकड़े जाते हैं।
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