April 19, 2026

बिहार में फ्री जमीन की सौगात, चुनाव से पहले नीतीश कुमार का बड़ा ऐलान

बिहार में 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बड़ा ऐलान कर राजनीति के साथ-साथ औद्योगिक जगत में भी हलचल मचा दी है। उन्होंने “बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025” (BIPPP-2025) लॉन्च किया है, जिसके तहत योग्य औद्योगिक इकाइयों को फ्री में जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। यह योजना राज्य में रोजगार बढ़ाने और उद्योगों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। नीतीश कुमार का यह कदम न केवल राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है, बल्कि बिहार की औद्योगिक तस्वीर बदलने की दिशा में भी इसे बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की और बताया कि यह पैकेज “BIADA एमनेस्टी पॉलिसी 2025” के बाद लागू किया गया है। इसके अंतर्गत 100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने वाली और कम से कम 1,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार देने वाली औद्योगिक इकाइयों को 10 एकड़ तक की जमीन निःशुल्क दी जाएगी। वहीं, यदि कोई औद्योगिक इकाई 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करती है तो उसे 25 एकड़ तक जमीन मुफ्त दी जाएगी। इतना ही नहीं, फॉर्च्यून 500 कंपनियों के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है, जिसके तहत उन्हें 10 एकड़ तक की जमीन बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाएगी।

बिहार सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई निवेशक इन मापदंडों को पूरा नहीं कर पाता है, तो भी उसे राहत दी जाएगी। ऐसे निवेशकों को BIADA भूमि दर से 50% छूट पर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। यानी इस योजना के तहत बड़े निवेशकों के साथ-साथ मध्यम स्तर के निवेशक भी लाभ उठा सकते हैं। इससे राज्य में उद्योगों का व्यापक नेटवर्क खड़ा होने की संभावना जताई जा रही है।

फ्री में जमीन प्राप्त करने की प्रक्रिया भी तय कर दी गई है। सरकार के मुताबिक, इस औद्योगिक पैकेज का लाभ लेने के इच्छुक निवेशकों को 31 मार्च 2026 से पहले आवेदन करना होगा। सरकार का दावा है कि इस नई औद्योगिक नीति से आने वाले पांच वर्षों में लगभग 1 करोड़ युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही बिहार के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें राज्य में ही रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

नीतीश कुमार ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य बिहार को उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। उनका मानना है कि अगर उद्योगों का तेजी से विकास होता है तो राज्य से बाहर जाने की प्रवृत्ति पर भी अंकुश लगेगा और युवा अपने ही प्रदेश में बेहतर भविष्य बना सकेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह योजना सही ढंग से लागू होती है, तो बिहार औद्योगिक मानचित्र पर बड़ी छलांग लगा सकता है और निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

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