June 11, 2026

भोपाल एम्स में डॉक्टरों ने किया दुर्लभ ऑपरेशन, आंख में पल रहे जिंदा परजीवी को सफलतापूर्वक निकाला!

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित एम्स अस्पताल में डॉक्टरों ने एक जटिल और दुर्लभ ऑपरेशन कर एक मरीज की जान बचाई है। 35 वर्षीय एक मरीज को आंखों के पलकों के नीचे एक जिंदा परजीवी कीड़ा पला हुआ था, जो अगर दिमाग तक पहुंच जाता तो मरीज की जान को खतरा हो सकता था। डॉक्टरों ने इस परजीवी को सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर बाहर निकाला और मरीज की जान बचाई।

मरीज को लंबे समय से नजर कमजोर होने, आंखों में जलन और धुंधलापन की समस्या हो रही थी, जिसे उसने कई डॉक्टरों को दिखाया और स्टेरॉयड आई ड्रॉप्स और टैबलेट्स का भी इस्तेमाल किया, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। फिर वह भोपाल एम्स पहुंचा, जहां जांच के बाद पता चला कि उसकी समस्या एक जिंदा परजीवी की वजह से हो रही है।

परीक्षण में पता चला कि एक इंच लंबा यह परजीवी कीड़ा आंख के रेटिना में सक्रिय था और विट्रियस जेल के अंदर जीवित था। इसे अगर जल्दी नहीं निकाला जाता, तो यह कीड़ा दिमाग तक पहुंच सकता था, जिससे मरीज की जान को खतरा हो सकता था।

भोपाल एम्स के प्रमुख रेटिना सर्जन, डॉ. समेंद्र कारखुर ने अपनी टीम के साथ ऑपरेशन की योजना बनाई और लेजर फायर तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इस परजीवी को निष्क्रिय किया। फिर विट्रियो रेटिना सर्जरी तकनीक का उपयोग करते हुए इसे पूरी तरह से हटा दिया गया। इस प्रक्रिया में परजीवी ने बचने की पूरी कोशिश की, जिससे ऑपरेशन थोड़ा मुश्किल हो गया, लेकिन डॉक्टरों ने इसे सफलतापूर्वक पूरा किया।

यह घटना एक विश्वस्तरीय उदाहरण है, क्योंकि दुनिया भर में ऐसे ऑपरेशन बेहद दुर्लभ माने जाते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, अब तक इस तरह के महज चार ऑपरेशन ही किए गए हैं। इस परजीवी की पहचान ‘ग्नैथोस्टोमा स्पिनिजेरम’ के रूप में की गई है, जो कच्चे या अधपके मांस और दूषित पानी के जरिए मानव शरीर में प्रवेश करता है। यह परजीवी त्वचा, दिमाग और आंखों सहित अन्य अंगों में फैल सकता है, और अगर इलाज न किया जाए, तो गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

यह ऑपरेशन एक उदाहरण है कि कैसे चिकित्सक अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल कर जटिल समस्याओं का समाधान ढूंढ़ते हैं और मरीजों की जान बचाने में सफल होते हैं। अब इस दुर्लभ ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति में सुधार हो रहा है और वह स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहा है।

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