भोपाल में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: मोती नगर की 100 से ज्यादा दुकानों को जमींदोज करने के बाद मचा हड़कंप!
मध्य प्रदेश के भोपाल में आज जिला प्रशासन ने एक बड़ी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की, जिसमें मोती नगर बस्ती की 100 से ज्यादा दुकानों को जमींदोज कर दिया गया। रविवार सुबह 5:00 बजे से शुरू हुई इस कार्रवाई में लगभग छह घंटे में पूरी बस्ती का अतिक्रमण हटा लिया गया, जिससे इलाके में हलचल मच गई। इस दौरान पुलिस ने चारों तरफ से बैरिकेडिंग कर एक किलोमीटर दूर तक आवाजाही रोक दी थी, और थ्री लेयर बैरिकेडिंग के माध्यम से बाहरी लोगों को इलाके में प्रवेश करने से रोका गया।
अतिक्रमण हटाने के इस अभियान में प्रशासन ने 40 साल पुराने इस मार्केट को पूरी तरह से जमींदोज करने के लिए 10 जेसीबी, 25 डंपर, 10 ट्रैक्टर ट्रॉली, दो पोकलेन मशीन और 50 लोडिंग गाड़ियां लगाई थीं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिले में चार एसडीएम और 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। साथ ही नगर निगम, राजस्व और रेलवे विभाग के अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे।
इस कार्रवाई के दौरान सुभाष नगर, रचना नगर और पुल बोगदा रायसेन रोड की दिशा में थ्री लेयर बैरिकेडिंग की गई, ताकि किसी भी बाहरी व्यक्ति को क्षेत्र में प्रवेश करने से रोका जा सके। मीडिया को भी एक किलोमीटर दूर रोक दिया गया। यह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुभाष नगर आरओबी की थर्ड लेग के निर्माण और चौथी रेल लाइन बिछाने के लिए की जा रही थी। मोती नगर बस्ती में कुल 384 मकान और 100 से ज्यादा दुकानें इस अभियान में शामिल थीं।
दूसरी तरफ, इस कार्रवाई के खिलाफ विरोध भी उठ खड़ा हुआ था। कांग्रेस नेता और आम नागरिकों ने कलेक्टर और प्रशासन से मिलकर बोर्ड परीक्षा के मद्देनज़र दो महीने का समय देने की मांग की थी। हालांकि, जिला प्रशासन ने सभी दुकानदारों को 4 फरवरी तक अपना सामान हटाने का अल्टीमेटम दिया था, और इस चेतावनी के बावजूद शनिवार और शुक्रवार को दुकानदारों ने अपनी दुकानों से सामान हटाना शुरू कर दिया था। फिर भी रविवार सुबह प्रशासन ने अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया।
क्या इस तरह के बड़े अतिक्रमण हटाने के अभियान से स्थानीय जनता को परेशानी का सामना होगा, या फिर यह प्रशासन की मजबूती को दर्शाने वाली एक बड़ी कार्रवाई मानी जाएगी? यह सवाल अब भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
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