भारत-पाकिस्तान सीमा पर घमासान: ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के बाद हालात बेकाबू, पाकिस्तान ने किया हवाई क्षेत्र बंद, मिसाइल हमलों का दावा, देश में हाई अलर्ट
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अब अपने चरम पर पहुंच चुका है। ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के तीसरे दिन हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि पूरे दक्षिण एशिया की सांसें थमी हुई हैं। पाकिस्तान ने शनिवार तड़के दावा किया कि भारतीय सेना ने रावलपिंडी समेत उसके तीन प्रमुख एयरबेस पर मिसाइलें दागी हैं। इसके बाद उसने तत्काल प्रभाव से अपने पूरे हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। यह प्रतिबंध 10 मई सुबह 3:15 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक लागू रहेगा। इस दौरान किसी भी वाणिज्यिक या सैन्य विमान को पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं दी गई।
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि रावलपिंडी सहित तीन एयरबेस को निशाना बनाया गया है और अब “भारत को हमारे जवाब का इंतजार करना चाहिए”। हालांकि भारत की ओर से इन दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इस घटनाक्रम के बाद भारत में भी सतर्कता का स्तर बेहद ऊंचा कर दिया गया है। राजस्थान के बाड़मेर में शनिवार सुबह एयर रेड अलर्ट जारी किया गया है। पाकिस्तान की ओर से संभावित हवाई हमले की खुफिया सूचना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। वहीं, जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में शुक्रवार रात अचानक पूरे इलाके की बिजली काट दी गई और लगातार धमाकों और सायरनों की आवाजें सुनाई दीं। सेना और स्थानीय प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैनात हैं।
देशभर में सरकारी मशीनरी अलर्ट मोड पर है। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के 13 महत्वपूर्ण विभागों—जैसे गृह, स्वास्थ्य, ऊर्जा, नगरीय विकास, जल संसाधन आदि—के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि गंभीर बीमारी या परिवार में आकस्मिक घटनाओं को छोड़कर किसी को भी छुट्टी नहीं दी जाएगी। वहीं, AIIMS भुवनेश्वर ने भी अपने सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और सभी को तुरंत ड्यूटी पर लौटने का निर्देश दिया है।
घटनाक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। G7 देशों—अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, कनाडा और यूरोपीय संघ—ने संयुक्त बयान जारी कर भारत और पाकिस्तान से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सैन्य तनाव पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा बन सकता है। बयान में यह भी कहा गया कि दोनों देश बातचीत के ज़रिए स्थिति का शांतिपूर्ण समाधान निकालें।
फिलहाल पूरे देश में हाई अलर्ट है और ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के असर से हालात तेजी से बदल रहे हैं। सीमा पार की हलचल, एयरस्पेस प्रतिबंध, मिसाइल हमलों के दावे और कूटनीतिक प्रतिक्रियाएं… सब मिलकर यह संकेत दे रही हैं कि यह सिर्फ एक सैन्य टकराव नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया के भविष्य की दिशा तय करने वाला मोड़ बनता जा रहा है।
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