April 17, 2026

भारत-इजराइल हथियार व्यापार में अभूतपूर्व वृद्धि: एक दशक में 33 गुना बढ़ा कारोबार

भारत और इजराइल के बीच व्यापार के क्षेत्र में हीरे-जवाहरात और इलेक्ट्रिकल मशीनरी का दबदबा बना हुआ है, लेकिन पिछले दस वर्षों में हथियारों और गोला-बारूद के व्यापार में भारी उछाल देखने को मिला है। 2015 से 2024 के बीच दोनों देशों के बीच हथियारों का कारोबार लगभग 33 गुना बढ़ गया है।

2015 में इजराइल से भारत का हथियार आयात महज 1.68 लाख डॉलर था, जो 2023 में बढ़कर 135 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया। 2024 में यह आंकड़ा थोड़ा घटकर 128 मिलियन डॉलर पर आ गया, लेकिन यह अभी भी काफी अधिक है। 2023 भारत-इजराइल हथियार व्यापार का सबसे बड़ा साल था, जब यह 265 मिलियन डॉलर के करीब पहुंच गया था।

2024 में हथियार और गोला-बारूद इजराइल से भारत के आयात में दूसरी सबसे बड़ी कैटेगरी बन गए, जबकि इलेक्ट्रिकल मशीनरी पहले नंबर पर थी। 2020 तक यह कैटेगरी भारत के शीर्ष 10 आयातों में शामिल नहीं थी।

भारत अपनी अधिकांश सैन्य जरूरतों के लिए रूस, अमेरिका और फ्रांस से उपकरण खरीदता है, लेकिन इजराइल के साथ हथियारों का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है।

इजराइल-ईरान संघर्ष और भारत पर प्रभाव
13 जून 2025 को इजराइल ने ईरान के न्यूक्लियर साइट्स और सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिससे तेहरान में भारी तबाही हुई। इसके जवाब में ईरान ने ड्रोन हमला किया। यह संघर्ष भारत के लिए चिंताजनक है क्योंकि इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जो दुनिया के 20% तेल की ढुलाई का मार्ग है, खतरे में पड़ सकता है। इससे भारत के तेल आयात और व्यापार पर बुरा असर पड़ सकता है।

व्यापार में उतार-चढ़ाव
भारत से इजराइल को निर्यात 2022 में 7.6 मिलियन डॉलर था, जो 2024 में घटकर 2.1 मिलियन डॉलर रह गया। इजराइल से भारत का आयात भी 2022 के 2.8 अरब डॉलर से घटकर 2024 में 1.3 अरब डॉलर हो गया है।

तकनीकी और पूंजीगत सामान की बढ़ती हिस्सेदारी
इजराइल से भारत के आयात में उच्च मूल्य और तकनीकी सामान की हिस्सेदारी बढ़ी है। 2015 में कंज्यूमर गुड्स का हिस्सा 4.7% था, जो 2024 में 17.8% हो गया। पूंजीगत सामान का हिस्सा भी 27.1% से बढ़कर 45.7% हो गया है।

निष्कर्ष
भारत और इजराइल का रक्षा और व्यापार संबंध तेजी से गहरा हो रहा है। हथियारों के आयात में अभूतपूर्व वृद्धि इस बात का संकेत है कि भारत इजराइली टेक्नोलॉजी पर भरोसा कर अपनी सैन्य ताकत को मजबूत कर रहा है। हालांकि इजराइल-ईरान तनाव के कारण भारत की सुरक्षा और व्यापार दोनों को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

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