भारत-पाक तनाव बढ़ा: शहबाज शरीफ ने अमेरिकी विदेश मंत्री को किया फोन
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। इसी बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से टेलीफोन पर बात की और भारत पर हालात को उकसाने का आरोप लगाया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि अमेरिका ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। अमेरिकी विदेश विभाग ने साफ किया है कि रुबियो जल्द ही भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों से सीधे बात करेंगे और उन्हें शांति बनाए रखने की सलाह देंगे।
पाकिस्तान की ओर से यह पहला प्रयास नहीं है। इससे पहले भी शहबाज शरीफ ने मई की शुरुआत में मार्को रुबियो से बातचीत की थी। उस समय भी उन्होंने भारत पर उकसावे की कार्रवाई करने का आरोप लगाया था। इसके बाद अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से संपर्क कर संयम और सावधानी की बात की थी। इस बार फिर से पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अमेरिका को बीच में लाकर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की है।
इसी बीच नियंत्रण रेखा (LoC) पर गोलीबारी और ड्रोन गिराए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद चौधरी ने दावा किया कि उनकी सेना ने भारतीय सेना के साथ संघर्ष विराम उल्लंघनों पर चर्चा की है। वहीं भारतीय सेना ने कहा है कि उसने लगातार छठी रात पाकिस्तानी गोलीबारी का जवाब दिया। पाकिस्तान का यह भी दावा है कि उसने भारतीय सेना के दो ड्रोन मार गिराए हैं, हालांकि भारत की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
तनाव का स्तर इतना बढ़ चुका है कि दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजनयिकों को वापस भेज दिया है। भारत ने पाकिस्तानियों को देश छोड़ने का नोटिस दिया है और साथ ही ‘नोटिस टू एयरमैन’ जारी कर दिया है, जिसके तहत किसी भी पाकिस्तानी उड़ान को भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम दोनों देशों के रिश्तों में बिगड़ते हालात की गंभीरता को दर्शाता है।
भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के लिए पाकिस्तानी आतंकी संगठनों को जिम्मेदार ठहराया है और ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। दूसरी ओर, पाकिस्तान लगातार इन आरोपों से इनकार करता आया है और दावा करता है कि उसकी जमीन का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए नहीं हो रहा। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के दावे पर संदेह बना हुआ है। मौजूदा हालात बताते हैं कि भारत-पाक तनाव अभी जल्दी थमता नजर नहीं आ रहा और आने वाले दिनों में इसका असर कूटनीतिक और सामरिक स्तर पर और गहरा सकता है।
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