May 3, 2026

क्या भारत में खाद की कमी होगी दूर? चीन ने मदद का बढ़ाया हाथ

भारत और चीन के बीच रिश्तों में नरमी के संकेत मिले हैं। सोमवार को दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनके चीनी समकक्ष वांग यी की मुलाकात हुई। इस बैठक में चीन ने भारत की तीन प्रमुख चिंताओं को दूर करने का आश्वासन दिया है। इनमें सबसे अहम मुद्दा फर्टिलाइजर सप्लाई का है, जिस पर भारत काफी हद तक चीन पर निर्भर है।

 

बैठक के दौरान चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार भारत को फर्टिलाइजर, दुर्लभ धातुओं और सुरंग बनाने की मशीनों की सप्लाई में मदद करेगी। खासकर डायमोनियम फॉस्फेट (DAP) जैसे खाद को लेकर चीन का वादा भारतीय किसानों के लिए राहत की खबर है। हाल के महीनों में चीन ने DAP के निर्यात पर रोक लगा दी थी, जिससे भारत में इसकी कमी हो गई थी।

 

भारत में खेती करने वाले करीब 65 करोड़ लोग फर्टिलाइजर पर निर्भर हैं। कृषि क्षेत्र में DAP दूसरा सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला खाद है, जिसकी सालाना बिक्री औसतन 103.4 लाख टन है। इसमें से 57 लाख टन आयात किया जाता है। चीन भारत का प्रमुख फॉस्फेट फर्टिलाइजर सप्लायर रहा है, लेकिन निर्यात प्रतिबंध के कारण हाल ही में भारतीय किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अब चीन की तरफ से मदद का वादा किसानों के लिए बड़ी राहत हो सकता है।

 

इसके अलावा भारत पूरी तरह से MOP (म्युरिएट ऑफ पोटाश) आयात पर निर्भर है, क्योंकि देश में पोटाश का कोई घरेलू भंडार नहीं है। ऐसे में चीन की ओर से सप्लाई बढ़ाने का वादा भारत की खाद सुरक्षा के लिहाज से अहम साबित हो सकता है।

 

द्विपक्षीय रिश्तों को लेकर भी दोनों देशों के बीच सकारात्मक चर्चा हुई। बैठक में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि मतभेदों को विवाद का कारण नहीं बनना चाहिए। वहीं, वांग यी ने कहा कि भारत और चीन को 75 साल के अनुभव से सीख लेकर सही रणनीतिक सोच विकसित करनी चाहिए और एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी या खतरे की बजाय पार्टनर के रूप में देखना चाहिए। दोनों नेताओं ने रिश्तों को नई दिशा देने और आपसी सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया।

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