कश्मीर की वादियों से निकली एक बेबाक आवाज, जिसने फिल्मों में अपनी पहचान बनाई और अब बिग बॉस के फिनाले तक पहुंची
कश्मीर की खूबसूरत वादियों से उभरकर आईं फरहाना भट्ट आज पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। टीवी के सबसे लोकप्रिय रियलिटी शो बिग बॉस 19 के फिनाले में जगह बनाने के बाद फरहाना का नाम सोशल मीडिया से लेकर न्यूज पोर्टल तक छाया हुआ है। आने वाले ग्रैंड फिनाले में यह तय होगा कि वे गौरव खन्ना, तान्या मित्तल, प्रणित मोरे और अमाल मलिक जैसे मजबूत कंटेस्टेंट्स को पीछे छोड़कर ट्रॉफी अपने नाम कर पाती हैं या नहीं। लेकिन कैमरों की चकाचौंध से परे एक और फरहाना हैं—संघर्ष, उम्मीद और साहस से भरी असली फरहाना, जिनकी कहानी प्रेरणा देती है।
15 मार्च 1997 को श्रीनगर में जन्मीं फरहाना बचपन से ही एक्टिंग के सपने देखती थीं। हालांकि, कश्मीर के उस माहौल में जहां लड़कियों के लिए एक्टिंग या ग्लैमर इंडस्ट्री को करियर के रूप में चुनना आसान नहीं माना जाता था, फरहाना ने यह रास्ता चुनकर खुद के लिए एक अलग पहचान बनाई। बताया जाता है कि उनके पिता बचपन में ही उन्हें छोड़कर चले गए थे और उनकी मां ने अकेले दम पर उनकी परवरिश की। हालांकि इस बारे में परिवार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। दो बहनें—सोलीहा और फिजा—के साथ पली-बढ़ीं फरहाना ने श्रीनगर के गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वुमन से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया। इसी दौरान उन्होंने सपना देखा कि उन्हें फिल्मों में कदम रखना है।
फिल्मी सफर की शुरुआत आसान नहीं थी, लेकिन उनका जुनून अडिग था। एक्टिंग सीखने के लिए वे मुंबई आईं और अनुपम खेर के प्रतिष्ठित Actor Prepares इंस्टीट्यूट में दाखिला लिया। यहां थिएटर वर्कशॉप्स और ट्रेनिंग के दौरान उनकी एक्टिंग स्किल को नया आयाम मिला। उनका पहला प्रमुख प्रोजेक्ट 2016 में एक म्यूजिक टूर फिल्म था, जिसमें वे सनी कौशल के साथ नजर आईं। लेकिन असल पहचान उन्हें 2018 में मिली, जब इम्तियाज अली की चर्चित फिल्म लैला मजनू में उन्होंने ‘जस्मीत’ का किरदार निभाया। यह रोल उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। इसके बाद उन्होंने नोटबुक (2019), द फ्रिलांसर, इंडियाज़ ब्रेव्स, हेवन ऑफ हिंदुस्तान, और कंट्री ऑफ ब्लाइंड जैसे ओटीटी और फिल्म प्रोजेक्ट्स में भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
फरहाना के व्यक्तित्व का एक और पहलू यह है कि वह सिर्फ अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि एक प्रतिभाशाली एथलीट भी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फरहाना ताइक्वांडो में पांच बार नेशनल मेडल जीत चुकी हैं। उनकी यह स्पोर्ट्स बैकग्राउंड ही उन्हें बिग बॉस जैसे शारीरिक और मानसिक दबाव वाले शो में और भी स्ट्रॉन्ग बनाती है। बिग बॉस में उनकी जर्नी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही। शुरुआत में वे शो की पहली एविक्टेड कंटेस्टेंट थीं, जिसने दर्शकों को चौंका दिया था। लेकिन मेकर्स ने उन्हें सीक्रेट रूम में भेजकर शो में ट्विस्ट डाला, जहां से उनकी धमाकेदार वापसी शुरू हुई। इसके बाद उन्होंने एक-एक टास्क और हर बहस में खुद को साबित करते हुए फिनाले तक का सफर तय किया।
आज फिनाले के ठीक पहले फरहाना भट्ट वह नाम बन चुकी हैं, जिसने अपनी मेहनत, संघर्ष और बेबाक स्वभाव से दर्शकों का भरोसा जीता है। कश्मीर की गलियों से निकलकर रियलिटी टीवी के मंच तक पहुंचने की उनकी जर्नी हजारों युवाओं को प्रेरित करती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या फरहाना बिग बॉस 19 की ट्रॉफी अपने नाम कर इतिहास बनाती हैं या नहीं। फैंस उनकी जीत के लिए लगातार वोटिंग और दुआ कर रहे हैं।
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