April 17, 2026

बरेली की नन्ही देवी 8 दिन से भूख हड़ताल पर, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल!

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के मीरगंज क्षेत्र की नन्ही देवी और उनके पति पिछले आठ दिनों से दामोदर पार्क में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि भूमाफियाओं ने उनकी चार बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया है और प्रशासन की लापरवाही के कारण अब तक उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। नन्ही देवी ने कई बार अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, जिससे परेशान होकर उन्होंने भूख हड़ताल का रास्ता अपनाया।

आरोपों का सिलसिला
नन्ही देवी और उनके पति ने डीएम, एसएसपी, तहसील, थाना, समाधान दिवस और मुख्यमंत्री पोर्टल तक शिकायत की थी। बावजूद इसके, उनकी शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हुई। पिछले तीन वर्षों से भूमाफियाओं के खिलाफ शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। 5 फरवरी से दामोदर पार्क में बैठी यह बुजुर्ग जोड़ी अब तक भूख हड़ताल पर है, लेकिन प्रशासन से कोई भी अधिकारी उनके पास हालचाल लेने के लिए नहीं आया।

जमीन कब्जाने का मामला
नन्ही देवी ने बताया कि उन्होंने 2022 में डीएम से शिकायत की थी, जिसके बाद एसडीएम मीरगंज ने जांच में पाया कि उनके जमीन पर मानसिंह और अन्य भूमाफियाओं ने कब्जा कर रखा है। बावजूद इसके, प्रशासन ने इस मामले पर कोई गंभीर कदम नहीं उठाया। इसके बाद से ही नन्ही देवी और उनके पति ने भूख हड़ताल पर बैठने का निर्णय लिया, यह कहते हुए कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे भूख हड़ताल पर रहेंगे।

प्रशासन की चुप्पी
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नन्ही देवी और उनके पति ने दामोदर पार्क में आठ दिन से भूख हड़ताल शुरू कर दी, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी उनका हालचाल जानने नहीं पहुंचा। पार्क के पास ही अफसरों के बंगले और कमिश्नरी का ऑफिस होने के बावजूद, नन्ही देवी की इस गंभीर हालत पर प्रशासन की चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

बुजुर्ग दंपति की मजबूरी
नन्ही देवी ने कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह भूख हड़ताल जारी रखेंगी, चाहे उन्हें इसके कारण अपनी जान ही क्यों न गंवानी पड़े। इस दौरान, उनके मेडिकल परीक्षण तक नहीं करवाए गए, जबकि आठ दिन से वे भूख हड़ताल पर बैठी हैं। यह स्थिति प्रशासन के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि जब एक बुजुर्ग महिला अपनी जमीन पर कब्जे के खिलाफ संघर्ष कर रही हो और वह भूख हड़ताल पर बैठी हो, तो प्रशासन क्यों चुप है?

कहाँ जा रहा है प्रशासन?
यह मामला अब एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि प्रशासन की निष्क्रियता से न सिर्फ एक महिला, बल्कि उनके परिवार की पूरी दुनिया तबाह हो रही है। क्या प्रशासन अब भी इस मामले में गंभीर कदम उठाएगा या इस बुजुर्ग दंपति को और अधिक समय तक न्याय का इंतजार करना पड़ेगा?

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