बारामती विमान हादसा: उपमुख्यमंत्री अजित पवार का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, महाराष्ट्र शोक में डूबा
महाराष्ट्र के राजनीतिक इतिहास में एक अत्यंत दुखद और अपूरणीय क्षण सामने आया है। बुधवार सुबह बारामती में हुए विमान हादसे में राज्य के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार का निधन हो गया। हादसे की खबर मिलते ही पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई। गुरुवार को बारामती में उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। तिरंगे में लिपटे अजित पवार के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए विद्या प्रतिष्ठान मैदान लाया गया, जहां हजारों की संख्या में समर्थक, कार्यकर्ता और आम नागरिक अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने पहुंचे।
अंतिम संस्कार से पहले अजित पवार का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव काठेवाड़ी स्थित आवास पर रखा गया, जहां ग्रामीणों और समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं और बुजुर्गों की आंखों में आंसू थे और हर कोई यही कहता नजर आया कि अजित पवार जैसा नेता अब शायद ही दोबारा महाराष्ट्र को मिले। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। बारामती शहर में बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई, बाजार बंद रहे और सीआरपीएफ व एसआरपीएफ के साथ स्थानीय पुलिस ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया।
अंतिम संस्कार में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष सहित कई केंद्रीय मंत्री, राज्य सरकार के मंत्री, विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेता और देशभर से आए राजनीतिक प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया और शरद पवार से फोन पर बात कर संवेदना जताई। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे, कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं ने भी बारामती पहुंचकर परिवार से मुलाकात की और शोक व्यक्त किया।
विमान हादसे को लेकर जांच की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। पुणे ग्रामीण पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट दर्ज की है, जबकि नागरिक उड्डयन मंत्रालय के निर्देश पर AAIB और DGCA की टीमें घटनास्थल पर जांच कर रही हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लैंडिंग के समय दृश्यता कम थी और पायलट ने रनवे न दिखने की सूचना एटीसी को दी थी। दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश के दौरान यह हादसा हुआ। हादसे में विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई, जिनमें पायलट कैप्टन सुमित कपूर और कैप्टन शांभवी पाठक भी शामिल थे। दोनों पायलटों का पोस्टमार्टम पूरा कर शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
अजित पवार के निधन को महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उन्हें एक सख्त प्रशासक, जमीनी नेता और निर्णय लेने की क्षमता वाले राजनेता के रूप में जाना जाता था। कृषि, सिंचाई, वित्त और ग्रामीण विकास जैसे अहम क्षेत्रों में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनके आकस्मिक निधन से न सिर्फ पवार परिवार बल्कि पूरा राज्य सदमे में है। हर वर्ग, हर दल और हर क्षेत्र से लोग यही कह रहे हैं कि अजित पवार का जाना महाराष्ट्र के लिए ऐसा शून्य छोड़ गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।
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