बांग्लादेश में उथल-पुथल: शेख मुजीबुर्रहमान का ऐतिहासिक घर जलाया, अवामी लीग नेताओं के घरों पर हमले, भारत ने की कड़ी निंदा
बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल और हिंसा अपने चरम पर पहुंच चुकी है। राजधानी ढाका में पिछले दिन एक बड़ा हादसा हुआ जब उपद्रवियों ने बांग्लादेश के संस्थापक नेता शेख मुजीबुर्रहमान के घर में तोड़फोड़ की और उसे आग के हवाले कर दिया। शेख मुजीब का घर, जो बांग्लादेश की स्वतंत्रता संघर्ष और राष्ट्र निर्माण का प्रतीक माना जाता था, अब खंडहर में तब्दील हो गया है। उपद्रवियों ने न केवल इस ऐतिहासिक स्थल को नुकसान पहुंचाया, बल्कि शेख मुजीब के स्मारक को भी नष्ट कर दिया।
इस हिंसक घटना ने बांग्लादेश में व्यापक अशांति पैदा कर दी है। विभिन्न जिलों में अवामी लीग के नेताओं के घरों पर हमले हो रहे हैं, जो सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों का निशाना बने हैं। कई स्थानों पर इन नेताओं के घरों में आग लगा दी गई और बुलडोजर का इस्तेमाल कर घरों को ध्वस्त किया गया। इसमें प्रमुख नेताओं जैसे ओबैदुल कादर, मेहर अफरोज शॉन, मिर्जा आजम और साधन चंद्र मजूमदार के घर शामिल हैं, जहां तोड़फोड़ और आगजनी के साथ-साथ बुलडोजर का भी इस्तेमाल हुआ।
भारत ने इन घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए बांग्लादेश की जनता से स्वतंत्रता संग्राम के प्रतीक शेख मुजीब के ऐतिहासिक निवास के नष्ट होने पर गहरी चिंता जताई है। भारत ने इसे बर्बरता और घृणास्पद कृत्य बताया, और कहा कि बांग्ला अस्मिता और गौरव को नुकसान पहुंचाने वाले इस कृत्य की कड़ी निंदा की जानी चाहिए।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भी इस बर्बरता पर चिंता व्यक्त की और कहा है कि शेख हसीना की टिप्पणियों के कारण ऐसे हालात उत्पन्न हुए हैं। कई घरों को बुलडोजर के माध्यम से गिराया जा रहा है, और सरकार अब इस पर कार्रवाई करने के लिए तत्पर है।
इस घटना ने बांग्लादेश के राजनीतिक माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है, और यह सवाल खड़ा कर दिया है कि देश में शांति और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
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