April 17, 2026

18 छक्के… ऑस्ट्रेलिया ने वनडे में बनाया दूसरा सबसे बड़ा स्कोर, साउथ अफ्रीका ने 19 साल बाद देखा ऐसा दिन

ऑस्ट्रेलिया ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे मैच में धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए इतिहास रच दिया। कंगारू टीम ने 50 ओवर में केवल 2 विकेट गंवाकर 431 रन ठोक डाले, जो वनडे क्रिकेट में उसका दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। इस बड़े स्कोर के पीछे ट्रेविस हेड, मिचेल मार्श और कैमरन ग्रीन की ताबड़तोड़ पारियों का अहम योगदान रहा। इन तीनों बल्लेबाजों ने शतक जड़ते हुए अफ्रीकी गेंदबाजों को चारों खाने चित कर दिया।

दिलचस्प बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा वनडे स्कोर भी साउथ अफ्रीका के खिलाफ ही बना था। साल 2006 में उसने 434 रन बनाए थे। अब 19 साल बाद एक बार फिर उसी टीम के खिलाफ उसने 431 रन ठोककर अपने दूसरे सबसे बड़े स्कोर का रिकॉर्ड बनाया। यानी ऑस्ट्रेलिया अपने ही वर्ल्ड रिकॉर्ड से सिर्फ 3 रन दूर रह गया।

इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की पारी में कुल 18 छक्के लगे। ट्रेविस हेड ने 142 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 5 छक्के शामिल थे। मिचेल मार्श ने भी शतक जमाया और अपनी पारी में 5 छक्के लगाए। वहीं, कैमरन ग्रीन ने सिर्फ 55 गेंदों पर 118 रन ठोक दिए, जिसमें 8 छक्के शामिल रहे। तीनों बल्लेबाजों की आक्रामक बल्लेबाजी ने विपक्षी टीम को बैकफुट पर धकेल दिया।

ऑस्ट्रेलिया के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास रही क्योंकि उसने पूरे 10 साल बाद वनडे क्रिकेट में 400 से ज्यादा रन बनाए। आखिरी बार साल 2015 में अफगानिस्तान के खिलाफ उसने 6 विकेट पर 417 रन बनाए थे। इस बार का 431 रन का स्कोर वनडे क्रिकेट का 9वां सबसे बड़ा टोटल भी है।

इतिहास रचने वाली इस पारी ने एक और खास रिकॉर्ड अपने नाम किया। वनडे क्रिकेट में 10 साल बाद किसी टीम के टॉप-3 बल्लेबाजों ने शतक लगाया है। ऑस्ट्रेलिया से पहले आखिरी बार यह कमाल 2015 में साउथ अफ्रीका के टॉप-3 बल्लेबाजों ने किया था, जब वेस्टइंडीज के खिलाफ हाशिम अमला, राइली रूसो और एबी डीविलियर्स ने शतक लगाए थे। इस मैच ने साबित कर दिया कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी लाइन-अप अभी भी दुनिया की सबसे खतरनाक बैटिंग यूनिट्स में से एक है।

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