May 3, 2026

अनिल अंबानी की कंपनी ने तोड़ा 10 साल पुराना रिकॉर्ड, एक महीने में कमाए हजारों करोड़

रिलायंस पावर के शेयरों ने जून 2025 में बंपर उछाल दर्ज की है। कंपनी के शेयर 11% की तेजी के साथ 71.35 रुपए तक पहुंच गए, जो कि नवंबर 2014 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। इस महीने बीएसई पर कंपनी के स्टॉक्स में 85% की तेजी देखी गई है, जिससे एक महीने में हजारों करोड़ रुपए की मार्केट वैल्यू जुड़ी है।

रिटेल निवेशकों का भरोसा भी इस ग्रोथ में बड़ा फैक्टर रहा है। एक्सचेंज डेटा के अनुसार, करीब 50% हिस्सेदारी रिटेल इनवेस्टर्स के पास है, जबकि एलआईसी और वीएफएसआई जैसी संस्थाएं भी शेयरहोल्डर हैं। प्रमोटर कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की हिस्सेदारी 24.90% है।

शेयरों में इस तेजी की एक अहम वजह है कंपनी का वित्तीय सुधार। मार्च 2025 में समाप्त तिमाही में रिलायंस पावर ने 126 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में उसे 397.56 करोड़ का घाटा हुआ था। कंपनी का लोन-टू-इक्विटी रेश्यो भी गिरकर 0.88:1 हो गया है, जो इंडस्ट्री में सबसे बेहतर माना जा रहा है।

इसके अलावा, कंपनी की सहायक यूनिट रिलायंस एनयू सनटेक ने SECI के साथ 25 साल का PPA साइन किया है, जिसके तहत 10,000 करोड़ रुपए का सोलर और बैटरी एनर्जी प्रोजेक्ट बनाया जाएगा। इसमें 930 मेगावाट सोलर और 1860 MWh स्टोरेज शामिल है। इसी तरह रिलायंस एनयू एनर्जीज को भी एसजेवीएन से नया ऑर्डर मिला है।

कंपनी की लिक्विडिटी स्थिति भी मजबूत हुई है। 31 दिसंबर 2024 को सासन पावर ने IIFCL UK को 150 मिलियन डॉलर का भुगतान किया, जिससे उसका क्रेडिट स्कोर सुधरा है।

थर्मल पावर की संभावनाएं भी कंपनी को फायदा पहुंचा रही हैं। भारत सरकार 2031-32 तक 80 GW नई कोल-बेस्ड पावर कैपेसिटी जोड़ने की योजना पर काम कर रही है, जिससे रिलायंस पावर को लंबी अवधि में ग्रोथ के बड़े मौके मिल सकते हैं।

निष्कर्ष: अनिल अंबानी की रिलायंस पावर न केवल शेयर बाजार में जबरदस्त वापसी कर रही है, बल्कि क्लीन और थर्मल एनर्जी दोनों क्षेत्रों में रणनीतिक विस्तार के जरिए खुद को पुनः स्थापित कर रही है।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!