May 25, 2026

एक्सपायरी से पहले ही अमूल पनीर में काली फफूंद और बदबू, फूड सेफ्टी पर उठे गंभीर सवाल

एक नामी ब्रांड के पैक्ड फूड प्रोडक्ट को लेकर एक बार फिर उपभोक्ता सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। अमूल पनीर का एक पैकेट, जिसकी एक्सपायरी डेट 02 फरवरी 2026 दर्ज थी, खोलते ही अंदर काली फफूंद और तेज बदबू निकली। यह देखकर उपभोक्ता हैरान रह गया, क्योंकि पैकेट न तो एक्सपायर था और न ही बाहर से खराब नजर आ रहा था। इस घटना ने आम लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है कि आखिर पैक्ड और ब्रांडेड फूड पर भी कितना भरोसा किया जा सकता है।

ग्राहक का कहना है कि उसने रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए बाजार से अमूल पनीर खरीदा था। ब्रांड की विश्वसनीयता और लंबी एक्सपायरी डेट देखकर उसे किसी तरह की शंका नहीं हुई। लेकिन जैसे ही पैकेट खोला गया, अंदर से तेज बदबू आई और पनीर पर काली फफूंद साफ दिखाई देने लगी। इस स्थिति में पनीर का इस्तेमाल करना तो दूर, उसे हाथ लगाना भी मुश्किल हो गया। ग्राहक ने आशंका जताई कि अगर गलती से इसे खा लिया जाता, तो गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो सकती थी।

इस तरह की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि या तो प्रोडक्ट के निर्माण के दौरान स्वच्छता में कमी रही है या फिर स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन के दौरान कोल्ड चेन सही तरीके से मेंटेन नहीं की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि डेयरी प्रोडक्ट्स में तापमान और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी फफूंद और बैक्टीरिया को जन्म दे सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि बड़े ब्रांड्स की क्वालिटी चेक प्रक्रिया कितनी मजबूत है।

घटना सामने आने के बाद उपभोक्ताओं में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि जब एक्सपायरी से पहले ही खाने की चीजें खराब निकल रही हैं, तो यह सीधे तौर पर आम लोगों की सेहत से खिलवाड़ है। कई उपभोक्ताओं ने सोशल मीडिया के जरिए फूड सेफ्टी विभाग और कंपनी से मामले की जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

फूड सेफ्टी से जुड़े नियमों के तहत कंपनियों की जिम्मेदारी होती है कि वे उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराएं। ऐसे मामलों में न सिर्फ संबंधित कंपनी बल्कि सप्लाई चेन से जुड़े सभी स्तरों की जांच जरूरी है। उपभोक्ताओं का कहना है कि प्रशासन को इस तरह की शिकायतों पर सख्ती से संज्ञान लेना चाहिए, ताकि पैक्ड फूड पर लोगों का भरोसा बना रहे और आम जनता की सेहत सुरक्षित रह सके।

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