जब दोस्तों से मार खाकर रोते हुए लौटे थे अमिताभ बच्चन, फिर मां के कहने पर लिया था जोरदार बदला
हिंदी सिनेमा के शहंशाह अमिताभ बच्चन बड़े पर्दे पर जितने सख्त और एंग्री यंग मैन के रूप में जाने जाते हैं, उतने ही दिलचस्प किस्से उनकी निजी जिंदगी से भी जुड़े हैं। एक ऐसा ही वाकया उन्होंने खुद शेयर किया था जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे एक बार बचपन में दोस्तों से पिटकर रोते हुए घर लौटे थे, लेकिन फिर मां के कहने पर उन दोस्तों से ऐसा बदला लिया कि खुद भी हैरान रह गए।
बचपन में हुआ था ये किस्सा, मां तेजी बच्चन का था खास तेवर
यह बात तब की है जब अमिताभ बच्चन की उम्र महज सात-आठ साल थी और वह प्रयागराज में अपने परिवार के साथ रहते थे। ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के एक एपिसोड में उन्होंने आमिर खान के सामने बताया था कि एक दिन वह पड़ोस के अपने हमउम्र दोस्तों के साथ खेलने गए थे, लेकिन खेल के दौरान कुछ बात पर झगड़ा हो गया और दोस्तों ने उन्हें पीट दिया। बच्चन रोते हुए घर पहुंचे और मां तेजी बच्चन को सारी बात बताई।
मां ने दिया था दो टूक आदेश – जाकर मारो
अमिताभ ने बताया कि उन्हें रोता देख मां का रुख सख्त हो गया। तेजी बच्चन ने बिना किसी दुलार या सहानुभूति के सीधे कहा— “जाओ, रोना धोना छोड़ो और जाकर उन्हें मारकर आओ।” मां की इस सीधी बात ने अमिताभ को हिला दिया, लेकिन उन्होंने मां की बात मानी और तुरंत दोस्तों के पास लौटकर जमकर मुकाबला किया।
‘मार दिया और जीतकर वापस आया’ – बिग बी
अमिताभ ने हंसते हुए बताया कि उन्होंने दोस्तों को पीटा और फिर विजेता की तरह सीना चौड़ा कर घर लौटे। जब उन्होंने मां को बताया कि उन्होंने सबक सिखा दिया है, तो तेजी बच्चन ने मुस्कुराते हुए उन्हें सराहा। इस किस्से को याद करते हुए अमिताभ ने कहा कि मां का तेवर ही ऐसा था—अन्याय बर्दाश्त नहीं करना।
बड़े होकर बन गए रील और रियल हीरो
बचपन का यही आत्मविश्वास और अन्याय के खिलाफ खड़ा होने का जज्बा शायद आगे चलकर अमिताभ बच्चन की पहचान बन गया। उन्होंने फिल्मों में भी ‘एंग्री यंग मैन’ का किरदार निभाकर समाज में अन्याय के खिलाफ खड़ा होने की छवि बनाई, और आज भी उस छवि को लोग याद रखते हैं।
इस किस्से से एक बात तो साफ है—बिग बी के जज़्बे और आत्मबल की नींव उनके बचपन में ही रखी जा चुकी थी, और उसकी सबसे मजबूत प्रेरणा थीं उनकी मां तेजी बच्चन।
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