April 17, 2026

अमेरिका से फिर लौट रहे हैं अवैध भारतीय प्रवासी, इस बार भी हथकड़ी और बेड़ियों में जकड़े होंगे?

अमृतसर एयरपोर्ट पर आज रात 10 से 11 बजे के बीच एक विशेष विमान उतरने वाला है। लेकिन यह कोई आम फ्लाइट नहीं होगी—इस विमान में 119 भारतीयों को डिपोर्ट करके वापस भेजा जा रहा है। इनमें से अधिकांश पंजाब, हरियाणा और गुजरात के रहने वाले हैं। सवाल यह है कि क्या इस बार भी उन्हें उसी तरह हथकड़ी और बेड़ियों में जकड़कर लाया जाएगा, जैसा कि 10 दिन पहले अमेरिका ने किया था?

5 फरवरी को जब 104 भारतीयों का पहला जत्था अमृतसर पहुंचा था, तो उनके हाथों में हथकड़ियां और पैरों में बेड़ियां थीं। यह नजारा दिल दहला देने वाला था। अमेरिकी सैन्य विमान से आए इन भारतीयों को अपराधियों की तरह जकड़कर लाया गया था, जिससे सड़कों से लेकर संसद तक हंगामा मच गया था। इस व्यवहार की कड़ी निंदा हुई थी और सवाल उठने लगे थे कि क्या भारतीयों के साथ अमेरिका में ऐसा ही सलूक किया जाएगा?

इस बार 119 भारतीयों को अमेरिका से निकाला जा रहा है, जिनमें 67 पंजाब, 33 हरियाणा, 8 गुजरात, 3 उत्तर प्रदेश, 2-2 गोवा और महाराष्ट्र, और 1-1 राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के निवासी हैं। ये लोग अवैध रूप से अमेरिका में घुसे थे या वहां वीजा नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। ट्रंप प्रशासन के कड़े आव्रजन नियमों के चलते ऐसे हजारों प्रवासियों को अमेरिका छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है।

पिछली बार जब पहला जत्था अमृतसर पहुंचा, तो विपक्ष ने मोदी सरकार पर सवालों की बौछार कर दी थी। विपक्षी दलों ने पूछा था कि क्या भारतीय नागरिकों के साथ ऐसा व्यवहार सही है? अगर अमेरिका अवैध प्रवासियों को वापस भेज रहा है, तो क्या इसका मतलब यह है कि उन्हें अपराधियों की तरह जकड़कर भेजा जाए? कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और कई अन्य दलों ने संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की थी।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार भी अमेरिका ने इन्हें सैन्य विमान में भेजा है, या फिर किसी कमर्शियल फ्लाइट से? अगर इन्हें फिर से हथकड़ियों और बेड़ियों में लाया गया, तो भारत सरकार पर एक बार फिर बड़ी राजनयिक चुनौती खड़ी हो सकती है।

पीएम मोदी की हाल ही में अमेरिका यात्रा संपन्न हुई है। इस दौरान उन्होंने ट्रंप प्रशासन से अवैध प्रवासी भारतीयों के मुद्दे पर चर्चा की थी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस मुलाकात का कोई असर दिखता है? क्या भारत सरकार अमेरिकी अधिकारियों को यह समझाने में सफल रही कि भारतीय नागरिकों को इस तरह जकड़कर भेजना गलत है?

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से ही अवैध प्रवासियों पर सख्ती दिखाई। उन्होंने अपने कार्यकाल के पहले ही हफ्ते में अवैध प्रवासियों को देश से निकालने का आदेश जारी कर दिया था। इसका असर अब बड़े पैमाने पर दिख रहा है। अमेरिका से सैकड़ों भारतीयों को वापस भेजा जा रहा है, और यह सिलसिला रुकने वाला नहीं दिखता।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या भारत सरकार इन अवैध प्रवासियों की वापसी को सम्मानजनक बना पाएगी? क्या अमेरिका इस बार भारतीय नागरिकों को हथकड़ियों में जकड़कर भेजने से बचेगा? या फिर भारत सरकार इस मुद्दे पर दबाव बनाने में नाकाम साबित होगी?

आज रात जब अमृतसर एयरपोर्ट पर यह फ्लाइट उतरेगी, तब ही साफ होगा कि भारत सरकार ने इस मामले को कितनी गंभीरता से लिया है। अगर इस बार भी इन्हें बेड़ियों में जकड़कर लाया गया, तो यह भारत-अमेरिका संबंधों में एक नया विवाद खड़ा कर सकता है। लेकिन अगर इस बार ऐसा नहीं हुआ, तो यह मोदी सरकार की सफल कूटनीति का संकेत हो सकता है। अब सबकी नजरें अमृतसर एयरपोर्ट पर हैं।

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