अमेरिका और ईरान के बीच ओमान में शुरू हुई परमाणु वार्ता, बढ़ते तनाव के बीच हल निकलने की उम्मीद
तेहरान के तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय बाद उच्चस्तरीय वार्ता की शुरुआत हो गई है। यह बातचीत ओमान की राजधानी मस्कट में हो रही है, जहां दोनों देशों के शीर्ष प्रतिनिधि मौजूद हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की सहमति के बाद यह पहल संभव हो पाई है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस वार्ता की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि ओमान सरकार की मध्यस्थता में यह बातचीत एक निर्धारित स्थान पर हो रही है, जहां दोनों पक्षों के प्रतिनिधि आपसी सहमति के संभावित बिंदुओं पर चर्चा कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप के फिर से व्हाइट हाउस लौटने के बाद यह पहली बार है जब दोनों देशों के राजदूत औपचारिक रूप से आमने-सामने बैठे हैं। हालांकि अभी किसी त्वरित समझौते की उम्मीद नहीं की जा रही, लेकिन यह वार्ता अमेरिका-ईरान के 50 वर्षों से तनावपूर्ण संबंधों में संभावित बदलाव की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि डोनाल्ड ट्रंप पहले ही ईरान को यह चेतावनी दे चुके हैं कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका उसके परमाणु ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है। दूसरी ओर, ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे यूरेनियम को हथियार-स्तर तक समृद्ध करने की तैयारी में हैं, जिससे परमाणु हथियार निर्माण की आशंका और बढ़ जाती है।
इस बीच, ओमान में हुई कूटनीतिक हलचलों में ईरान के शीर्ष वार्ताकार अब्बास अराघची ने ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी से मुलाकात की। ईरानी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, अराघची ने अमेरिका के प्रतिनिधियों को ईरान का रुख और वार्ता के अहम बिंदुओं से अवगत कराया।
अब सवाल यह है कि क्या दशकों से एक-दूसरे के विरोधी रहे अमेरिका और ईरान के बीच यह बातचीत किसी ठोस समझौते की ओर बढ़ेगी या फिर यह एक और अधूरी पहल बनकर रह जाएगी।
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