अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में होली खेलने की अनुमति, छात्र 13 और 14 मार्च को मना सकेंगे उत्सव
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में छात्रों को होली खेलने की अनुमति मिल गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने 13 और 14 मार्च को एनआरएससी परिसर में होली खेलने की अनुमति देने की घोषणा की है, जिससे छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई है। पहले इस मुद्दे को लेकर विवाद उठ खड़ा हुआ था, लेकिन अब इस मामले में पूरी स्थिति स्पष्ट हो गई है।
इस संदर्भ में, AMU के प्रोवोस्ट बीबी सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने 13 और 14 मार्च को होली खेलने की अनुमति दी है। छात्रों को इन दो दिनों में एनआरएससी परिसर में बिना किसी रोक-टोक के होली खेलने की स्वतंत्रता होगी। उन्होंने कहा, “इस बार किसी प्रकार की कोई रोक-टोक नहीं होगी और छात्र अपनी पूरी खुशी के साथ होली का उत्सव मना सकते हैं।”
यह मामला तब सामने आया था जब AMU के छात्र अखिल कौशल ने 25 फरवरी को एनआरएससी हॉल में होली मिलन कार्यक्रम के आयोजन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन से लिखित अनुमति मांगी थी। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें लिखित अनुमति देने से मना कर दिया था और कहा था कि वह होली खेलने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन किसी नई परंपरा को अपनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन का कहना था कि हमेशा से ही विश्वविद्यालय में होली खेली जाती है, लेकिन इस बार इसके लिए विशेष अनुमति देने की कोई आवश्यकता नहीं है।
इसके बाद, अलीगढ़ के सांसद सतीश गौतम ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया था और कहा था कि विश्वविद्यालय में होली खेलने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर छात्रों के साथ मारपीट होती है तो दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी। इसके अलावा, करनी सेना ने 10 मार्च को चेतावनी दी थी कि अगर छात्रों को होली खेलने की अनुमति नहीं दी गई तो वे विश्वविद्यालय परिसर में होली खेलने आ सकते हैं।
इन सभी घटनाओं के बीच, AMU प्रशासन ने आखिरकार 13 और 14 मार्च को होली खेलने की अनुमति दे दी है। प्रोफेसर बीबी सिंह ने बताया कि यह फैसला छात्रों की खुशियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 9 मार्च को किसी भी छात्र को होली खेलने की अनुमति नहीं दी जाएगी क्योंकि इस दिन विश्वविद्यालय में बोर्ड परीक्षा होनी है।
इस तरह, AMU प्रशासन ने होली के अवसर पर छात्रों को खुशियाँ मनाने का मौका दिया है, जबकि साथ ही यह सुनिश्चित किया है कि विश्वविद्यालय में शांति और व्यवस्था बनी रहे। अब छात्र 13 और 14 मार्च को एनआरएससी परिसर में होली का उत्सव मना सकेंगे और इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करेंगे।
यह फैसला छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन दोनों के लिए एक संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। अब देखना यह होगा कि क्या इस निर्णय के बाद भी अन्य मुद्दे उठते हैं या फिर छात्र पूरी तरह से शांतिपूर्वक अपनी होली मनाएंगे।
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