घर की थाली पर राहत: जुलाई में शाकाहारी और मांसाहारी थाली सस्ती हुई, दाल-सब्जी-चावल सब पर असर
जुलाई 2025 में आम लोगों के लिए राहत भरी खबर आई है। घरेलू किचन में बनने वाली शाकाहारी और मांसाहारी थाली दोनों की लागत में अच्छी-खासी गिरावट दर्ज की गई है। क्रिसिल इंटेलिजेंस की ‘रोटी-चावल रेट रिपोर्ट’ के मुताबिक यह राहत मुख्य रूप से सब्जियों, दालों और ब्रोइलर चिकन की कीमतों में गिरावट के कारण आई है।
शाकाहारी थाली में 14% सालाना गिरावट
शाकाहारी थाली की लागत में पिछले साल जुलाई के मुकाबले 14% की गिरावट आई है। पिछले साल ₹32.6 की शाकाहारी थाली इस बार सिर्फ ₹28.1 में बन रही है। हालांकि, जून 2025 से तुलना करें तो इसमें 4% की मामूली बढ़ोतरी देखी गई है क्योंकि जून में यही थाली ₹27.1 में बन रही थी।
मांसाहारी थाली में भी राहत, ₹53.5 में हुई सीमित
मांसाहारी थाली की कीमत जुलाई 2025 में ₹53.5 प्रति प्लेट रही, जो पिछले साल से 13% कम है और जून 2025 से 2% सस्ती हुई है। इसमें सबसे बड़ा योगदान ब्रोइलर चिकन की कीमतों में आई 12% सालाना और 9% मासिक गिरावट का रहा। साथ ही, आलू, टमाटर और प्याज जैसे जरूरी सब्जियों की कीमतें भी कम हुईं।
दालों और चावल की कीमतें भी घटीं
दालों के दाम सालाना 14% तक नीचे आए हैं। इसकी मुख्य वजह बेहतर फसल उत्पादन और स्टॉक की स्थिति है। वहीं, चावल की कीमतों में भी सालाना 4% की कमी दर्ज की गई है, जिससे पूरी थाली की लागत में कमी आई है।
क्या आगे भी राहत रहेगी?
क्रिसिल इंटेलिजेंस के निदेशक पुषण शर्मा का कहना है कि आने वाले महीनों में थाली की कीमतें सालाना आधार पर कम बनी रह सकती हैं। हालांकि, आलू और प्याज जैसी कुछ सब्जियों की कीमतों में यदि तेजी आती है, तो राहत की सीमा सीमित हो सकती है।
कुल मिलाकर, जुलाई में शहरी और ग्रामीण परिवारों के बजट को थोड़ी राहत मिली है। खाने-पीने की जरूरी चीजों में कमी के चलते आम आदमी की थाली कुछ सस्ती हुई है, लेकिन यह राहत कब तक बरकरार रहेगी, यह बाजार की चाल पर निर्भर करेगा।
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