December 7, 2025

लखनऊ: अखिलेश यादव का आरोप — “चुनाव आयोग के हाथ खून से रंगे हैं”, SIR को लेकर सरकार पर जल्दबाजी का सवाल

 SIR प्रक्रिया पर सपा प्रमुख ने भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत बताई, बीएलओ पर बढ़ते दबाव को मौत की वजह बताया

लखनऊ में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को SIR (Special Summary Revision) प्रक्रिया को लेकर बड़ा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि बीएलओ और नगर निकाय कर्मचारियों पर जबरदस्ती दबाव बनाया जा रहा है, जिससे कई जगह तनाव बढ़ रहा है और लोगों की जान तक चली गई है. अखिलेश ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल के लोग कह रहे हैं कि “चुनाव आयोग के हाथ खून से रंगे हैं” और SIR भाजपा, आयोग और सरकार की संयुक्त साजिश है. उनका कहना है कि जिस समय यूपी में शादी-ब्याह का सीजन चल रहा है, उस समय इस तरह की जल्दबाजी समझ से परे है.

अखिलेश यादव ने कहा कि हाल ही में फतेहपुर में एक सुपरवाइजर ने दबाव के चलते आत्महत्या कर ली. इसके बाद मलिहाबाद के बीएलओ विजय कुमार वर्मा की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए उनकी पत्नी संगीता को दो लाख रुपये की सहायता भी सपा की ओर से दी गई. उन्होंने कहा कि “सरकार क्यों इन कर्मचारियों पर इतना दबाव बना रही है? आखिर ये हड़बड़ी किस बात की है?” अखिलेश के अनुसार नगर निगम के सफाई कर्मचारियों तक को फॉर्म भरने के लिए सहायक बनाया जा रहा है, जबकि लोग इन दिनों शादी समारोहों में व्यस्त हैं.

सपा प्रमुख ने कहा कि SIR की आड़ में भाजपा वोट काटने की बड़ी साजिश रच रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि SIR लोकतंत्र के साथ धोखाधड़ी है. “आज वोट काटा जा रहा है, कल खेत, जमीन, मकान, राशन, जाति और आरक्षण से नाम काटा जाएगा, और फिर बात आम लोगों के बैंक खातों और लॉकरों तक पहुंच जाएगी.” उन्होंने साफ कहा कि संसद में विरोध के बाद अब सड़क पर उतरकर लड़ाई की जाएगी. भाजपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी सहयोगी दलों का पहले इस्तेमाल करती है और फिर उन्हें खत्म कर देती है.

अखिलेश यादव ने सभी विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील की. उनका कहना है कि भाजपा को PDए के बढ़ते जनाधार से डर लग रहा है, इसलिए यह साजिश रची जा रही है. उन्होंने दावा किया कि बिहार चुनाव में PDA हारा नहीं, बल्कि “हराया गया”. अखिलेश ने दोहराया कि भाजपा वादे निभाती नहीं, और SIR का मकसद जनता को भ्रमित करके राजनीतिक फायदा लेना है.

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