अजित पवार के प्लेन क्रैश पर रोहित पवार का बड़ा खुलासा, जली हुई घड़ी-स्वेटर से लेकर VSR कंपनी तक उठे गंभीर सवाल
महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार के विमान हादसे को लेकर एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। इस मामले में अब रोहित पवार ने सामने आकर ऐसे कई खुलासे किए हैं, जिन्होंने पूरे हादसे पर सवालों की नई परतें खोल दी हैं। रोहित पवार ने दावा किया है कि उन्होंने खुद अजित पवार की जली हुई स्वेटर और हाथ की टूटी घड़ी देखी थी, जिससे हादसे के वक्त की टाइमिंग और परिस्थितियों पर गंभीर संदेह पैदा होता है। उन्होंने साफ कहा कि इस पूरे मामले में “दाल में कुछ काला” है और इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
रोहित पवार ने बताया कि अजित पवार की घड़ी हमेशा करीब 15 मिनट आगे रहती थी। हादसे के बाद जब वह घड़ी बंद मिली, तो उसमें 9 बजे का समय दिख रहा था। उन्होंने कहा कि मुंबई से बारामती की लगभग 210 किलोमीटर की दूरी तय करने में विमान को करीब 27 मिनट लगते, लेकिन जो समयरेखा सामने आई है, वह कई सवाल खड़े करती है। यह विमान VSR नाम की कंपनी का था, जो अमेरिका में निर्मित लेयरजेट विमानों का संचालन करती है और देश में इस तरह के विमानों पर उसका एकाधिकार है। रोहित पवार के मुताबिक, अजित पवार विमान के बाईं ओर बैठे थे, जबकि पीछे के हिस्से में बैग और पेट्रोल टैंक मौजूद थे।
हादसे के दिन की टाइमलाइन गिनाते हुए रोहित पवार ने बताया कि सुबह 7 बजकर 2 मिनट पर स्टाफ विमान के पास पहुंचा, 7 बजकर 17 मिनट पर पीएसओ आए और 8 बजकर 10 मिनट पर विमान ने टेकऑफ किया। इसके बाद 8 बजकर 22 मिनट पर लोनावला, 8 बजकर 32 मिनट पर सुपे गांव और 8 बजकर 43 से 8 बजकर 45 मिनट के बीच दुर्घटना हुई। 9 बजे तक अजित पवार के घायल होने की खबर आई और 9 बजकर 45 मिनट पर उनके निधन की सूचना दी गई। रोहित पवार ने कहा कि यह विमान 16 साल पुराना था और हादसे से दो दिन पहले सूरत से मुंबई की उड़ान भर चुका था।
रोहित पवार ने विमान कंपनी VSR और डीजीसीए की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि टेकऑफ से पहले विमान का मैकेनिकल चेक ठीक से हुआ या नहीं, एयरवर्थी रिपोर्ट कहां है और रूटीन लाइन मेंटेनेंस किसने किया। उन्होंने हैंगर के सीसीटीवी फुटेज, हेवी बेस मेंटेनेंस रिपोर्ट और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की। उनका कहना है कि अगर पहले हुई मुंबई की लेयरजेट दुर्घटना की जांच रिपोर्ट समय पर सामने आ जाती, तो शायद अजित पवार की जान बचाई जा सकती थी।
रोहित पवार ने यह भी आरोप लगाया कि यूरोपीय विमानन एजेंसी EASA ने VSR कंपनी से मुंबई हादसे की रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन कंपनी ने रिपोर्ट नहीं दी। इसके बाद यूरोप की एक कंपनी ने VSR को दिया गया थर्ड पार्टी सर्टिफिकेट सस्पेंड कर दिया। उन्होंने दावा किया कि कंपनी के एक पूर्व पायलट ने बताया कि VSR फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन में हेरफेर करती थी, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर बंद रखे जाते थे और कंपनी की अपनी स्पष्ट SOP भी नहीं थी।
अपने बयान के अंत में रोहित पवार ने सवाल उठाया कि अजित पवार के विमान को दो बार “गो-अराउंड” क्यों कराया गया और क्या पायलट पर इंजन बचाने का दबाव डाला गया था। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या बारामती के बाद पटना जाने की जल्दी और कुछ लाख रुपये बचाने की जल्दबाजी में सुरक्षा से समझौता किया गया। इन तमाम सवालों के साथ रोहित पवार ने एक बार फिर दोहराया कि यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं लगता और इसकी निष्पक्ष व गहन जांच देश के सामने सच्चाई लाने के लिए जरूरी है।
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