ईरान-इजराइल तनाव के बीच Adani Power के शेयर में 7.5% उछाल, जानिए रैली की बड़ी वजह
मध्य-पूर्व में Iran–Israel conflict के चलते वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ देखने को मिल रहा है। ज्यादातर सेक्टर्स दबाव में हैं और बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इस नकारात्मक माहौल के बीच भी Gautam Adani के नेतृत्व वाले अडानी ग्रुप की एक कंपनी ने निवेशकों को चौंका दिया है। Adani Power के शेयर ने महज दो कारोबारी दिनों में करीब 7.5% की तेजी दर्ज की है।
मंगलवार को कंपनी के शेयर में 2% से अधिक की बढ़ोतरी देखने को मिली, जिससे पिछले सत्र की तेजी और मजबूत हो गई। इस उछाल के पीछे सबसे बड़ी वजह कंपनी को मिला एक बड़ा ऑर्डर है, जिसने निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया है। बाजार के जानकारों का मानना है कि ऐसे समय में जब बाकी शेयर दबाव में हैं, इस तरह की पॉजिटिव खबरें किसी भी स्टॉक को तेजी दे सकती हैं और Adani Power के साथ भी यही हुआ।
दरअसल, कंपनी को Maharashtra State Electricity Distribution Company Limited की ओर से लेटर ऑफ अवार्ड (LOA) मिला है। यह ऑर्डर 1,600 मेगावाट बिजली सप्लाई से जुड़ा है, जो कंपनी के आगामी अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट से पूरी की जाएगी। इस खबर के बाद शेयर में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली और स्टॉक करीब 157.50 रुपये के स्तर तक पहुंच गया, जो पिछले तीन महीनों का उच्चतम स्तर है।
इस प्रोजेक्ट के तहत Adani Power अगले 25 वर्षों तक बिजली की आपूर्ति करेगा, जिससे कंपनी के रेवेन्यू में लंबी अवधि तक स्थिरता आने की उम्मीद है। कंपनी के अनुसार, यह सप्लाई वित्त वर्ष 2031 से शुरू हो सकती है और पहले साल का टैरिफ 5.30 रुपये प्रति यूनिट तय किया गया है। इस तरह के लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट्स निवेशकों के लिए भरोसे का संकेत होते हैं, क्योंकि इससे भविष्य की आय को लेकर स्पष्टता मिलती है।
कंपनी प्रबंधन का कहना है कि भारत में लगातार बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार जरूरी है। ऐसे में यह डील Adani Power के लिए एक बड़ा अवसर मानी जा रही है। यही कारण है कि बाजार की कमजोरी के बावजूद इस स्टॉक में तेजी देखने को मिली और निवेशकों को कम समय में अच्छा रिटर्न मिला।
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