गौतम अडानी का यह प्रोजेक्ट बना गेमचेंजर, कंपनियों की कुल वैल्यू 50 लाख करोड़ के पार
गौतम अडानी भारत के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं, जिनकी कुल संपत्ति 68.4 अरब डॉलर है। वे इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी, रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और डेवलपमेंट में दबदबा रखते हैं। कुछ हफ्ते पहले उनकी दौलत में अचानक 13 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी, जिससे थोड़े समय के लिए वे एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति भी बन गए थे। अडानी भारत के सबसे बड़े प्राइवेट एयरपोर्ट ऑपरेटर के रूप में भी जाने जाते हैं और उनका धारावी री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट एशिया का सबसे बड़ा शहरी नवीनीकरण प्रोजेक्ट है।
अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड उनकी सबसे बड़ी कंपनी है, जो डेटा सेंटर, एयरपोर्ट, डिफेंस और एयरोस्पेस इनोवेशन के साथ FMCG कॉन्ट्रैक्ट्स, माइनिंग सर्विसेज और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में भी काम करती है। इसका सालाना रेवेन्यू 21,960 करोड़ रुपये है और नेट प्रॉफिट 734.41 करोड़ रुपये। गौतम अडानी की इसमें 49.7% हिस्सेदारी है। धारावी री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में 28,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया, जिसने मुंबई के रियल एस्टेट में नया रंग भरा और अडानी को टॉप अमीरों में बनाए रखा।
अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) में अडानी की 33% हिस्सेदारी है और इसकी वैल्यू 95,000 करोड़ रुपये से अधिक है। यह भारत की सबसे बड़ी पोर्ट और लॉजिस्टिक्स कंपनी है, जिसके 13 घरेलू पोर्ट्स हैं और यह देश के एक-चौथाई कार्गो को हैंडल करती है। अडानी पावर लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट थर्मल पावर कंपनी है, जिसमें 12 से ज्यादा पावर प्लांट्स हैं और 18,110 मेगावाट की क्षमता है। अडानी की इसमें 37% हिस्सेदारी है।
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी है, जिसमें 50% हिस्सेदारी के साथ 93,200 मेगावाट की क्षमता और 2 लाख से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूशन कस्टमर्स हैं। अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड सस्टेनेबल फ्यूचर के लिए काम कर रही है और 25 गीगावाट का रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो डेवलप कर रही है। इसमें सोलर, विंड और हाइब्रिड पावर प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
अडानी टोटल गैस लिमिटेड सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और पाइप्ड नैचुरल गैस व CNG सप्लाई करती है, जिसमें अडानी की 37.4% हिस्सेदारी है। इसके अलावा एसीसी लिमिटेड और अडानी विल्मर लिमिटेड (AWL एग्री बिजनेस) के जरिए अडानी ग्रुप ने इंफ्रास्ट्रक्चर, कंस्ट्रक्शन और एफएमसीजी सेक्टर में भी अपनी पकड़ मजबूत की है। इन सभी कंपनियों के चलते अडानी ग्रुप का कुल नेटवर्थ 50 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है।
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