जानिए क्यों लंबे समय तक एयर कंडीशनर में रहने से डायबिटीज के मरीजों को खतरा हो सकता है और कैसे बचाव करें
गर्मियों और ऑफिस के लंबे घंटों से बचने के लिए लोग एयर कंडीशनर (AC) का लगातार इस्तेमाल करते हैं। ठंडी हवा में बैठकर आराम तो मिलता है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक AC के नीचे रहने से ब्लड शुगर लेवल प्रभावित हो सकता है। खासकर डायबिटीज के मरीजों के लिए यह एक गंभीर चिंता का विषय बन सकता है।
डॉ. अजीत कुमार, मेडिसिन विभाग, GTB अस्पताल, बताते हैं कि AC के लंबे इस्तेमाल से शरीर “एनर्जी सेविंग मोड” में चला जाता है। इसका मतलब है कि मेटाबॉलिज़्म स्लो हो जाता है और शरीर शुगर को सही तरह से इस्तेमाल नहीं कर पाता। इससे धीरे-धीरे ब्लड शुगर का संतुलन बिगड़ने लगता है।
AC में ज्यादा समय बिताने से फिजिकल इनएक्टिविटी भी बढ़ जाती है। जब वातावरण ठंडा होता है, तो शरीर ज्यादा एक्टिव नहीं रहता और लोग लंबे समय तक बैठे रहते हैं। कम एक्टिविटी का सीधा असर इंसुलिन सेंसिटिविटी पर पड़ता है और ग्लूकोज को एनर्जी में बदलने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
इसके अलावा, AC में रहने से शरीर का थर्मल स्ट्रेस कम हो जाता है। सामान्य परिस्थितियों में गर्मी में पसीना बहाने से कैलोरी बर्न होती है और ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है। लेकिन AC में बैठने से यह नैचुरल प्रोसेस रुक जाता है और शरीर में शुगर जमा रहती है। अगर कोई डायबिटिक मरीज रोजाना 8 से 10 घंटे AC में रहता है, तो शुगर कंट्रोल की यह प्राकृतिक प्रक्रिया और धीमी हो जाएगी।
तो क्या इसका मतलब है कि AC का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर देना चाहिए? विशेषज्ञ बताते हैं कि जरूरत से ज्यादा ठंडा कमरा शरीर के लिए नुकसानदेह हो सकता है। बेहतर है कि बीच-बीच में बाहर निकलकर हल्की वॉक करें, थोड़ी स्ट्रेचिंग करें और पर्याप्त पानी पीते रहें। साथ ही, रूम का तापमान बहुत ज्यादा ठंडा न रखें, ताकि शरीर की प्राकृतिक प्रक्रियाएं जारी रहें और ब्लड शुगर नियंत्रित रहे।
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