दिल्ली में राजनीतिक भूचाल: आम आदमी पार्टी को मिली करारी हार, बीजेपी की 27 साल बाद वापसी!
दिल्ली विधानसभा चुनावों के परिणाम ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। 8 फरवरी को हुई मतगणना में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बहुमत हासिल कर दिल्ली में सत्ता की वापसी की है। 27 साल बाद बीजेपी दिल्ली की सत्ताधारी पार्टी बनी है, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) को इस चुनाव में करारा झटका लगा है।
AAP की हार के बाद, पार्टी की मुख्यमंत्री आतिशी ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया। आतिशी, जो दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री के रूप में 21 सितंबर 2024 को पद पर नियुक्त हुईं थीं, ने महज साढ़े चार महीने के कार्यकाल में इस पद को छोड़ दिया।
इस चुनाव में बीजेपी ने 70 विधानसभा सीटों में से 48 सीटों पर विजय प्राप्त की, वहीं आम आदमी पार्टी मात्र 22 सीटों तक ही सिमट कर रह गई। दिल्ली में सत्ता परिवर्तन को लेकर बीजेपी ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी ने जल्द ही विधायक दल की बैठक बुलाने का ऐलान किया है, जिसमें मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का चयन किया जाएगा।
इस परिणाम के बाद दिल्ली में सियासी समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है। बीजेपी की जीत के साथ-साथ कई दिग्गज नेताओं को भी हार का सामना करना पड़ा है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
आम आदमी पार्टी के लिए यह एक बड़ा झटका है, क्योंकि उसने पिछले दो चुनावों में शानदार जीत हासिल की थी। 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में AAP ने अभूतपूर्व प्रदर्शन किया था, लेकिन इस बार वह बहुमत से काफी दूर रही। वहीं, कांग्रेस ने इस चुनाव में एक बार फिर अपनी मौजूदगी साबित नहीं की और एक भी सीट पर विजय हासिल नहीं कर पाई।
क्या बीजेपी दिल्ली में सत्ता का माहौल बदल पाएगी, या आम आदमी पार्टी अपनी हार से उठकर फिर से वापसी करेगी? यह सवाल दिल्ली की राजनीति में अब ताजातरीन चर्चा का विषय बन चुका है।
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