लहरा दो तिरंगा कार्यक्रम को लोकदल का समर्थन: सुनील सिंह बोले-सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे लोकतंत्र की लड़ाई
लखनऊ। इंडिया गठबंधन के प्रमुख घटक दल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी चौधरी सुनील सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित लोकदल के केंद्रीय कार्यालय, 8 मॉल एवेन्यू में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान SIR, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, किसानों के आंदोलन और उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से उठने वाली आवाजों को दबाने का प्रयास कर रही है और पंचायत चुनाव कराने से बच रही है। सुनील सिंह ने कहा कि लोकदल जनता, किसानों, युवाओं, मजदूरों और ग्रामीणों के अधिकारों की लड़ाई को सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मजबूती से लड़ेगा।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने का आरोप
चौधरी सुनील सिंह ने SIR के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने पहुंचे लोगों को हिरासत में लिए जाने और उनके साथ कथित बर्बरता किए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को प्रतिबंधित करना इस बात का संकेत है कि सरकार जनता और विपक्ष की आवाज से डर रही है। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना नागरिकों का अधिकार है और इस अधिकार को दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई में किसान भी पीछे नहीं रहेंगे और जरूरत पड़ने पर ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली की सड़कों पर उतरकर आंदोलन को निर्णायक मोड़ तक ले जाएंगे।
‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम को लोकदल का समर्थन
लोकदल अध्यक्ष ने कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके की ओर से 16 अक्टूबर को शाम पांच बजे दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम को पार्टी का समर्थन देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि देश की एकता, संविधान और लोकतंत्र के समर्थन में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने वाले हर कार्यक्रम के साथ लोकदल खड़ा रहेगा। सुनील सिंह ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जनता की भागीदारी जरूरी है और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए।
पंचायत चुनाव को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के मुद्दे पर चौधरी सुनील सिंह ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के तीन महीने के भीतर चुनाव कराने के आदेश का स्वागत किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार पंचायत चुनाव कराने के लिए तैयार नहीं है, क्योंकि चुनाव होने पर उसकी जमीनी स्थिति सामने आ जाएगी। सुनील सिंह के अनुसार, सरकार विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव कराने से बचना चाहती है और चुनाव टालने के लिए सरकार तथा उसके अधिकारी सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं। हालांकि, यह आरोप उन्होंने अपनी राजनीतिक प्रतिक्रिया के तौर पर लगाए।
‘पंचायत चुनाव किसी भी कीमत पर टलने नहीं देंगे’
चौधरी सुनील सिंह ने कहा कि लोकदल पंचायत चुनाव के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में भी अपना पक्ष मजबूती से रखेगा और चुनाव टालने के किसी भी प्रयास का विरोध करेगा। उन्होंने पंचायत चुनावों को लोकतंत्र की सबसे निचली और महत्वपूर्ण इकाई बताते हुए कहा कि इनके माध्यम से गांव की जनता को स्थानीय स्तर पर अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिलता है। उनके मुताबिक, राजनीतिक स्वार्थ के चलते पंचायत चुनावों को रोकना ग्रामीण जनता के अधिकारों के साथ खिलवाड़ होगा। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि यदि उसे अपनी लोकप्रियता और जमीनी पकड़ पर भरोसा है, तो वह पंचायत चुनाव कराने से क्यों बच रही है? सुनील सिंह ने कहा कि चुनाव टालने की कोशिशों से सरकार की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।
किसान, युवा और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का ऐलान
सुनील सिंह ने कहा कि किसान, युवा, मजदूर और गांव की जनता अब चुप बैठने वाली नहीं है। उन्होंने SIR से लेकर पंचायत चुनाव तक के मुद्दों को लोकतंत्र और जनता के अधिकारों से जुड़ा बताते हुए कहा कि लोकदल इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर इन सवालों पर संघर्ष जारी रखेगा। उन्होंने दोहराया कि पार्टी जरूरत पड़ने पर सड़क पर आंदोलन करने के साथ-साथ न्यायिक मंचों पर भी अपनी बात रखेगी। सुनील सिंह के मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के अधिकारों की रक्षा और चुनावी प्रक्रिया को समय पर संपन्न कराना महत्वपूर्ण है।
Share this content:
