नवरात्र नवमी पर होगा भव्य सत्संग और कन्या पूजन महाअनुष्ठान: सत्संग में बताया जाएगा नवरात्र का आध्यात्मिक महत्व

लखनऊ। सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल की अगुआई में नवरात्र के पावन अवसर पर नवमी के राजधानी लखनऊ में विशेष सत्संग, हवन-पूजन, कीर्तन और कन्या पूजन का भव्य महा अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा। दो चरणों में संपन्न होने वाले इस धार्मिक आयोजन का उद्देश्य सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और मातृशक्ति के सम्मान का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। आयोजन के प्रथम चरण में देवा रोड स्थित प्रतिष्ठा श्री परमानंद हरि हर मंदिर में हवन-पूजन एवं कीर्तन किया जाएगा। इसके उपरांत भव्य भंडारे के साथ कार्यक्रम के पहले चरण का समापन होगा। वहीं, दूसरे चरण में चिनहट स्थित वी-मार्ट के पास रजत डिग्री कॉलेज के सामने बने पावन सनातन धाम लॉन में विशेष आध्यात्मिक सत्संग और कन्या पूजन का महा अनुष्ठान संपन्न होगा।

आयोजन के दौरान होने वाले वृहद आध्यात्मिक सत्संग में नवरात्र के वास्तविक आध्यात्मिक आशय और उसके जीवनोपयोगी संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा। सत्संग में बताया जाएगा कि नवरात्र केवल बाहरी पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठानों और परंपराओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव आत्मा की आंतरिक यात्रा, आत्मशुद्धि और नकारात्मक प्रवृत्तियों पर दिव्य गुणों की विजय का प्रतीक है। आध्यात्मिक दृष्टिकोण से ‘रात्रि’ अज्ञान, संकट और अंधकार का प्रतीक मानी जाती है, जबकि ‘नव’ नयापन और नौ की संख्या का बोध कराता है। इस प्रकार नवरात्र मनुष्य को अपने भीतर मौजूद नकारात्मकता, अज्ञान और विकारों को दूर कर सकारात्मकता, सद्भाव, आत्मिक शुद्धता और आध्यात्मिक प्रकाश की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है। सत्संग के माध्यम से श्रद्धालुओं को सनातन परंपराओं के मूल भाव को समझने और उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया जाएगा।

150 कन्याओं का पूजन कर भेंट किए जाएंगे उपहार

वृहद आध्यात्मिक सत्संग के उपरांत 150 कन्याओं का विधि-विधान से पूजन किया जाएगा। इस अवसर पर देवी स्वरूपा कन्याओं को सम्मानपूर्वक स्कूल बैग भेंट किए जाएंगे। इन बैगों में कन्याओं के लिए श्रृंगार सामग्री के अंतर्गत कंगन, माला, वस्त्र और चुनरी के साथ टिफिन बॉक्स, वाटर बॉटल तथा मनोरंजन एवं खेलकूद से जुड़ी सामग्री भी रखी जाएगी। इनमें लूडो या बैडमिंटन रैकेट शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त कन्याओं को पूजन सामग्री के साथ हनुमान चालीसा की पुस्तिका भी भेंट की जाएगी। आयोजन के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ बालिकाओं के सम्मान, संस्कार और उनके प्रति सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश देने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में शामिल होने वाली सभी मातृशक्तियां सनातनी परंपरा के अनुरूप पीली साड़ी पहनकर पहुंचेंगी और सामूहिक रूप से जगत जननी आदिशक्ति मां के जयकारे लगाकर वातावरण को भक्तिमय बनाएंगी।

सुंदरकांड महा अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने में जुटीं सपना गोयल

सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में ‘सुंदरकांड महा अभियान, भारत वर्ष की बने पहचान’ का व्यापक स्तर पर संचालन किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य सुंदरकांड के माध्यम से धार्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और सनातन मूल्यों का प्रचार-प्रसार करना है। वर्तमान में यह अभियान उत्तर प्रदेश के 42 जिलों और देश के 10 राज्यों तक पहुंच चुका है। सपना गोयल का लक्ष्य संतों और ऋषियों की पावन भूमि भारत को एक बार फिर ‘विश्व गुरु’ के रूप में प्रतिष्ठित करने की दिशा में जनजागरण करना है। इसी उद्देश्य को लेकर ‘ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति’ के माध्यम से विभिन्न धार्मिक स्थलों पर सामूहिक सुंदरकांड पाठ और आध्यात्मिक आयोजनों की श्रृंखला संचालित की जा रही है। समिति की ओर से इन आयोजनों को बिना किसी सरकारी अथवा निजी सहयोग के संपन्न कराने का प्रयास किया जा रहा है।

झूलेलाल घाट से नैमिषारण्य तक हजारों महिलाओं ने किया सामूहिक सुंदरकांड पाठ

भारत के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उत्थान के उद्देश्य से 10 मार्च 2024 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में सपना गोयल की अगुआई में लखनऊ के झूलेलाल घाट पर पांच हजार से अधिक महिलाओं ने सामूहिक सुंदरकांड पाठ के भव्य अनुष्ठान में भाग लिया था। इसी क्रम में 23 जून 2024 को पावन तीर्थ नैमिषारण्य में भी सामूहिक सुंदरकांड महायज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें पांच हजार महिलाओं की सहभागिता रही। इन आयोजनों के माध्यम से मातृशक्ति को धार्मिक गतिविधियों से जोड़ने, सामूहिक साधना की भावना को मजबूत करने और सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।

देश के प्रमुख तीर्थस्थलों पर आयोजित हो चुके हैं सुंदरकांड के भव्य कार्यक्रम

सुंदरकांड महा अभियान के अंतर्गत देश के अनेक प्रमुख धार्मिक और तीर्थस्थलों पर सामूहिक पाठ के आयोजन किए जा चुके हैं। इनमें उत्तराखंड के कोटद्वार स्थित प्राचीन सिद्धबली मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, हरिद्वार की हर की पौड़ी, रुड़की के महादेव मंदिर, चित्रकूट के पावन रामघाट, प्रयागराज स्थित लेटे हुए हनुमान मंदिर तथा कानपुर के आनंदेश्वर महादेव मंदिर के गंगा घाट परिसर में आयोजित भव्य सुंदरकांड पाठ शामिल हैं। इसके अलावा मथुरा स्थित भगवान श्रीकृष्ण जन्मस्थली मंदिर परिसर में भी डेढ़ हजार से अधिक मातृशक्तियों ने एक साथ सुंदरकांड का पाठ किया था। इन धार्मिक आयोजनों के माध्यम से विभिन्न तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं को एकजुट कर सामूहिक भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया गया है।

अयोध्या में मासिक सुंदरकांड पाठ की शुरुआत, दिसंबर में 11 हजार महिलाओं के जुटने का लक्ष्य

अभियान के तहत 11 सितंबर 2024 से अयोध्या स्थित प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि परिसर में मासिक सुंदरकांड पाठ की श्रृंखला भी शुरू की गई है। इसी कड़ी में आगामी 18 नवंबर से त्रिदिवसीय ऋषिकेश तीर्थयात्रा आरंभ होने की जानकारी दी गई है। वहीं, 20 दिसंबर को लखनऊ में एक और बड़े धार्मिक आयोजन की तैयारी है, जिसमें सपना गोयल की अगुआई में 11 हजार महिलाओं द्वारा एक साथ सामूहिक सुंदरकांड पाठ किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इन आयोजनों के जरिए अभियान को और व्यापक स्वरूप देने, मातृशक्ति की सहभागिता बढ़ाने तथा सनातन परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

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