April 18, 2026

बाजार की अनिश्चितता के बीच PhonePe ने टाला IPO, वैश्विक तनाव और मंदी का पड़ा असर

IPO

डिजिटल पेमेंट कंपनी PhonePe ने मौजूदा वैश्विक हालात और शेयर बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ को फिलहाल टाल दिया है। कंपनी के सीईओ Sameer Nigam ने कहा कि मौजूदा जियोपॉलिटिकल परिस्थितियों और बाजार में अस्थिरता के कारण पब्लिक लिस्टिंग की प्रक्रिया को कुछ समय के लिए रोकने का फैसला लिया गया है। कंपनी ने यह भी कहा कि जैसे ही वैश्विक बाजारों में स्थिरता आएगी, आईपीओ की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी।

दरअसल, PhonePe करीब 1.3 अरब डॉलर का आईपीओ लाने की तैयारी कर रही थी, जिससे कंपनी का वैल्यूएशन लगभग 15 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद थी। बेंगलुरु स्थित इस फिनटेक कंपनी को 20 जनवरी को मार्केट रेगुलेटर Securities and Exchange Board of India से आईपीओ के लिए मंजूरी भी मिल चुकी थी। कंपनी इस ऑफर के जरिए करीब 12,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही थी।

विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और बाजार में गिरावट के कारण निवेशकों का रुख फिलहाल सतर्क बना हुआ है। ऐसे माहौल में बड़े आईपीओ के लिए पर्याप्त लिक्विडिटी जुटाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसी वजह से कंपनी ने फिलहाल अपनी लिस्टिंग की योजना को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।

डिजिटल पेमेंट सेक्टर में PhonePe की मजबूत पकड़ है। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी Unified Payments Interface (UPI) में कंपनी की करीब 45 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी है, जबकि इसकी सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी Google Pay की हिस्सेदारी लगभग 35 प्रतिशत है। PhonePe हर महीने करीब 10 अरब ट्रांजैक्शन प्रोसेस करता है, जिनकी कुल वैल्यू 12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जाती है।

इसके अलावा कंपनी डिजिटल पेमेंट्स के साथ-साथ कई अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार कर रही है। इनमें शेयर बाजार ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, लेंडिंग सेवाएं और इंश्योरेंस पॉलिसी की बिक्री जैसे कारोबार शामिल हैं। ऐसे में बाजार में स्थिरता लौटने के बाद PhonePe का आईपीओ एक बड़ा निवेश अवसर बन सकता है।

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