May 25, 2026

रमजान के महीने में लश्कर-ए-तैयबा का नया फंडिंग प्लान, हाफिज सईद के नेटवर्क के जरिए जुटाया जा रहा चंदा

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रमजान के पाक महीने में भी पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन Lashkar-e-Taiba अपनी गतिविधियों से बाज नहीं आ रहा है। संगठन के सरगना Hafiz Saeed से जुड़े नेटवर्क ने जिहाद के नाम पर फंड जुटाने के लिए एक नया अभियान शुरू किया है, जिसे “मुकाबला-ए-वफा” नाम दिया गया है। इस अभियान के तहत संगठन से जुड़े लोग विभिन्न इलाकों में जाकर दान और चंदे के नाम पर पैसे इकट्ठा कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि रमजान के दौरान लोगों की धार्मिक भावनाओं का फायदा उठाकर यह फंडिंग अभियान चलाया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार इस मुहिम का उद्देश्य संगठन के लिए आर्थिक संसाधन जुटाना है, ताकि उसकी गतिविधियों को फिर से मजबूत किया जा सके। लश्कर से जुड़े लोग कथित तौर पर जिहाद और “अल्लाह के रास्ते में मदद” जैसे नारों का इस्तेमाल कर लोगों से दान मांग रहे हैं। इसके लिए पर्चे और संदेश भी जारी किए गए हैं, जिनमें लोगों से आर्थिक सहयोग देने की अपील की जा रही है।

जानकारों का कहना है कि यह अभियान उन आतंकियों की याद में भी चलाया जा रहा है, जो हाल के समय में मारे गए थे। इन आतंकियों को “शहीद” बताकर उनकी याद में लोगों से चंदा जुटाने की कोशिश की जा रही है। इसके जरिए संगठन अपने समर्थकों के बीच भावनात्मक माहौल बनाने और ज्यादा से ज्यादा पैसा जुटाने की कोशिश कर रहा है।

दरअसल, हाल के समय में भारतीय सुरक्षा बलों की कार्रवाई से आतंकी संगठनों को बड़ा नुकसान हुआ है। Indian Army द्वारा चलाए गए ऑपरेशन में पाकिस्तान की सीमा के भीतर कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था, जिससे लश्कर-ए-तैयबा समेत कई संगठनों के ट्रेनिंग कैंप और हथियारों को भारी नुकसान पहुंचा था। इस कार्रवाई में कई आतंकियों के मारे जाने की भी खबर सामने आई थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों के बाद आतंकी संगठनों की आर्थिक और लॉजिस्टिक क्षमता कमजोर हुई है। इसी नुकसान की भरपाई करने और अपने नेटवर्क को दोबारा खड़ा करने के लिए अब रमजान के दौरान बड़े स्तर पर फंडिंग अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां भी इस तरह की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी तरह की आतंकी फंडिंग को रोका जा सके।

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