April 18, 2026

खट्टी डकारें क्या पेट के अल्सर का संकेत हैं? एक्सपर्ट ने बताए लक्षण, कारण और बचाव

khatti dakare

आजकल कई लोगों को बार-बार खट्टी डकारें आने की समस्या होती है। अक्सर इसे सामान्य गैस या अपच समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन लगातार ऐसा होना पेट से जुड़ी किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार कई मामलों में यह समस्या Peptic Ulcer यानी पेट के अल्सर से भी जुड़ी हो सकती है, जिसमें पेट की अंदरूनी परत पर घाव बन जाता है और पाचन में बनने वाला एसिड उस पर असर डालने लगता है।

एम्स दिल्ली के गैस्ट्रोलॉजी विभाग के पूर्व विशेषज्ञ Dr. Ananya Gupta के अनुसार खट्टी डकारें आना पेट में अल्सर का एक संभावित लक्षण हो सकता है। जब पेट में एसिड की मात्रा बढ़ जाती है तो डकारें खट्टी या कड़वी महसूस हो सकती हैं। इसके अलावा पेट के ऊपरी हिस्से में जलन या दर्द होना, खासकर खाली पेट ज्यादा दर्द महसूस होना, अल्सर के आम संकेत माने जाते हैं। कई बार खाना खाने के बाद कुछ समय के लिए यह दर्द कम भी हो सकता है।

अल्सर होने पर मरीज को मतली आना, उल्टी होना, भूख कम लगना और पेट फूलना जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। कुछ लोगों में पाचन ठीक से नहीं हो पाता और बार-बार खट्टी डकारें आने लगती हैं। यदि ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी माना जाता है।

डॉक्टरों के अनुसार कुछ लोगों में पेट में अल्सर होने का खतरा ज्यादा होता है। लंबे समय तक पेन किलर दवाओं का सेवन, धूम्रपान और शराब पीने की आदत पेट की परत को नुकसान पहुंचा सकती है। इसके अलावा बहुत ज्यादा मसालेदार, तला-भुना या जंक फूड खाने से भी पेट की सेहत पर असर पड़ता है। तनाव, नींद की कमी और अनियमित खानपान भी इस समस्या को बढ़ा सकते हैं।

पेट के अल्सर का इलाज डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाओं से किया जाता है, जिससे पेट में बनने वाले एसिड को नियंत्रित किया जा सके। बचाव के लिए हल्का और संतुलित भोजन करना, समय पर खाना खाना, पर्याप्त पानी पीना और तनाव को कम करना जरूरी है। साथ ही धूम्रपान और शराब से दूरी बनाकर रखना भी पेट की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है।

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