April 30, 2026

AIIMS की रिसर्च में खुलासा: भारतीय और मेडिटेरेनियन डाइट का मिश्रण दिल को रख सकता है स्वस्थ

diet

देश में पिछले कुछ वर्षों में दिल से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़े हैं, जिसके पीछे खराब जीवनशैली और असंतुलित खानपान को बड़ा कारण माना जाता है। ऐसे में हाल ही में दिल्ली स्थित All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) में हुई एक रिसर्च में सामने आया है कि भारतीय भोजन को मेडिटेरेनियन डाइट के साथ मिलाकर अपनाने से दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। शोध के अनुसार यह डाइट हार्ट डिजीज के खतरे को कम करने में काफी मददगार साबित हो सकती है।

रिसर्च के दौरान वैज्ञानिकों ने भारतीय दालों, सब्जियों और साबुत अनाज को मेडिटेरेनियन डाइट के साथ मिलाकर एक खास तरह की डाइट तैयार की। इस डाइट को नई दिल्ली के एक कार्डियोलॉजी क्लिनिक में दिल के मरीजों पर आजमाया गया। करीब 53 मरीजों ने तीन महीने तक इस डाइट को नियमित रूप से फॉलो किया। अध्ययन में पाया गया कि इस डाइट को अपनाने वाले लोगों का वजन कम हुआ, ब्लड शुगर बेहतर तरीके से नियंत्रित रहा और शरीर में सूजन से जुड़ा लेप्टिन हार्मोन भी संतुलित हुआ।

रिसर्च से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि यह डाइट शरीर में सूजन को कम करने वाली एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट की तरह काम करती है। एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर Dr. Ambuj Roy के अनुसार जिस भोजन में अधिक मात्रा में सब्जियां, फल, साबुत अनाज और हेल्दी फैट शामिल होते हैं, वह शरीर में सूजन को कम करने में मदद करता है। सूजन कम होने से दिल पर पड़ने वाला दबाव घटता है और हार्ट से जुड़ी बीमारियों का जोखिम कम हो सकता है।

इस खास डाइट में दालें, चना और पनीर जैसे प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल किए जाते हैं। इसके अलावा साबुत अनाज के रूप में बाजरा, जौ और कुट्टू को प्राथमिकता दी जाती है। रोटी और चपाती मैदा की बजाय गेहूं के आटे से बनाई जाती है। हेल्दी फैट के लिए मूंगफली का तेल और सरसों का तेल इस्तेमाल किया जाता है, जबकि घी और नारियल तेल का उपयोग सीमित मात्रा में किया जाता है। इस तरह का संतुलित भोजन शरीर को आवश्यक पोषण देने के साथ-साथ दिल की सेहत को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में हार्ट की बीमारियां बढ़ने का एक बड़ा कारण अस्वस्थ खानपान है। फास्ट फूड, तला-भुना भोजन और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड का सेवन बढ़ गया है, जबकि प्रोटीन, फाइबर और विटामिन से भरपूर भोजन की मात्रा कम हो गई है। ऐसे में संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर डाइट अपनाकर न सिर्फ दिल की बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है, बल्कि लंबे समय तक स्वस्थ जीवन भी जिया जा सकता है।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!