April 21, 2026

हनुमान–वाल्मीकि मंदिर से गुरुद्वारा बंगला साहिब तक, पद ग्रहण से पहले नितिन नबीन ने की पूजा-अर्चना

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुने जाने से पहले नितिन नबीन ने मंगलवार सुबह दिल्ली में विभिन्न धर्मस्थलों में पूजा-अर्चना की। उन्होंने अपने दिन की शुरुआत शक्ति की देवी माता झंडेवाली के झंडेवालान स्थित मंदिर में प्रार्थना के साथ की। इसके बाद वह मंदिर मार्ग स्थित श्री वाल्मीकि मंदिर, बाबा खड़ग सिंह मार्ग के प्राचीन हनुमान मंदिर और अंत में श्री गुरुद्वारा बंगला साहिब पहुंचे, जहां उन्होंने मत्था टेका। इस दौरान उनके साथ दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा और भाजपा के राष्ट्रीय सह-मीडिया प्रमुख संजय मयूख सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

दरअसल, सोमवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हुई थी। जांच के बाद निर्वाचन अधिकारी ने घोषणा की कि नितिन नबीन के अलावा किसी अन्य नेता ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल नहीं किया है। ऐसे में आज उन्हें निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने की औपचारिक घोषणा की जाएगी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।

नितिन नबीन का राजनीतिक सफर भी खासा चर्चा में है। वह बीजेपी के वरिष्ठ नेता और बिहार विधानसभा के चार बार विधायक रहे नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के बेटे हैं। पिता के निधन के बाद उन्होंने साल 2006 में राजनीति में कदम रखा और पटना पश्चिम से उपचुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। इसके बाद उन्होंने बांकीपुर सीट से 2010, 2015, 2020 और 2025 में लगातार चार विधानसभा चुनाव जीतकर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की।

सोमवार को रिटर्निंग ऑफिसर के. लक्ष्मण ने नितिन नबीन के समर्थन में दाखिल किए गए 37 सेट नामांकन पत्रों को वैध घोषित किया। इन नामांकनों को 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ संसदीय पार्टी का समर्थन प्राप्त था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके नामांकन का समर्थन किया।

वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का रास्ता साफ होते ही नितिन नबीन की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। गृह मंत्रालय ने उन्हें Z कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की है। अब CRPF के कमांडो 24 घंटे उनकी सुरक्षा में तैनात रहेंगे, साथ ही उन्हें एस्कॉर्ट वाहन, पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर और सरकारी ड्राइवर भी उपलब्ध कराया गया है।

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