धमाकेदार लिस्टिंग के बाद हुआ निराशा का माहौल, Groww–PhysicsWallah–Lenskart के शेयर फिसड्डी साबित
शेयर बाजार में इस साल आए कई चर्चित आईपीओ शुरू में जितना चमके, बाद में उतनी ही तेजी से फीके भी पड़ गए। ग्रो, फिजिक्सवाला और लेंसकार्ट जैसे हाई-वैल्यूएशन आईपीओ ने लिस्टिंग के समय शानदार रिटर्न दिए, लेकिन कुछ ही दिनों में इनकी हालत कमजोर हो गई। निवेशकों और ट्रेडरों की प्रॉफिट बुकिंग के बीच ये नए शेयर अब कमजोर प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे शुरुआती उत्साह का असर काफी कम होता दिख रहा है।
ग्रो (Groww) का आईपीओ जब मार्केट में आया तो इसकी लिस्टिंग ने निवेशकों को बड़ा मुनाफा दिया। लेकिन पिछले दो दिनों में ही Groww के शेयर लगभग 18% टूट गए। गुरुवार को स्टॉक BSE पर करीब 9% तक गिरकर 154 रुपये पर आ गया। ज्यादा वैल्यूएशन और ज़ोरदार प्रॉफिट बुकिंग के चलते ट्रेडरों ने इसे शॉर्ट करना शुरू कर दिया। FY25 की कमाई पर Groww का मूल्यांकन Angel One और Anand Rathi जैसे स्थापित ब्रोकिंग स्टॉक्स की तुलना में काफी प्रीमियम पर है, जिसकी वजह से कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव दिख रहा है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, Groww के शेयरों ने भविष्य की ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए पहले ही बहुत तेज कीमत छू ली थी।
फिजिक्सवाला (PhysicsWallah) के शेयर भी तेज शुरुआत के बाद फिसलने लगे। NSE पर 33% से ज्यादा प्रीमियम के साथ 145 रुपये पर लिस्ट होकर यह पहले दिन 156 रुपये तक पहुंचा, लेकिन अगले ही दिन स्टॉक 8% गिरकर 142 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि यह अभी भी IPO प्राइस 109 रुपये से काफी ऊपर है, लेकिन लिस्टिंग स्तर से नीचे आ जाने से निवेशकों में सतर्कता बढ़ी है। मार्केट विश्लेषकों का कहना है कि एड-टेक सेक्टर में हाल की अनिश्चितताओं ने भी इस गिरावट में भूमिका निभाई है।
लेंसकार्ट (Lenskart) की लिस्टिंग शुरू से ही कमजोर रही। 390 रुपये के IPO प्राइस के मुकाबले यह BSE पर लगभग 3% डिस्काउंट पर लिस्ट हुआ। हालांकि बाद में कुछ रिकवरी दिखी और स्टॉक 438 रुपये तक पहुंचा, लेकिन लगातार उतार-चढ़ाव जारी रहा। 18 और 19 नवंबर को इसमें नई गिरावट देखी गई और यह 409 रुपये तक फिसल गया। हालांकि ट्रेडिंग के अंत में स्टॉक ने हल्की रिकवरी करते हुए 429 रुपये पर बंद किया, लेकिन शुरुआती अस्थिरता के कारण निवेशकों का भरोसा अब भी डगमगाया हुआ है।
इन तीनों बड़े ब्रांड्स के उदाहरण बताते हैं कि धांसू लिस्टिंग हमेशा लगातार मुनाफा नहीं दिलाती। हाई वैल्यूएशन, निवेशकों की तेज प्रॉफिट बुकिंग और सेक्टर-विशेष चुनौतियों के कारण मार्केट में नए शेयरों का प्रदर्शन काफी अनिश्चित हो सकता है। यह ट्रेंड निवेशकों के लिए एक संकेत है कि सिर्फ लिस्टिंग गेन देखकर निवेश करना सुरक्षित रणनीति नहीं माना जा सकता।
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