लखनऊ: कार्तिक पूर्णिमा मेले में दबंगों का तांडव, दो युवक गंभीर रूप से घायल — हमलावर बाइक से फरार, पुलिस जांच में जुटी
गोसाईगंज के सरई गुदौली गांव में मचा हड़कंप, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल; CCTV फुटेज के आधार पर की जा रही हमलावरों की तलाश
लखनऊ के गोसाईगंज क्षेत्र के सरई गुदौली गांव में बुधवार देर शाम आयोजित कार्तिक पूर्णिमा मेले में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक दर्जन से अधिक दबंग युवकों ने दो स्थानीय युवकों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। घटना इतनी अचानक हुई कि लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। दोनों युवकों के सिर में गंभीर चोटें आईं और वे मौके पर लहूलुहान होकर गिर पड़े। ग्रामीणों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश में कई जगह छापेमारी की जा रही है।
यह घटना गोसाईगंज कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत सरई गुदौली गांव के पौराणिक कार्तिक पूर्णिमा मेले की है। हर साल की तरह इस बार भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण मेला देखने पहुंचे थे। शाम करीब साढ़े सात बजे दुकानों और झूलों के बीच भारी भीड़ के दौरान कुछ युवकों के बीच मामूली कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। चंद मिनटों में एक दर्जन दबंग युवक लाठी-डंडों से लैस होकर पहुंचे और दो युवकों पर टूट पड़े। अचानक हुए हमले से मेला स्थल पर भगदड़ मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर लगातार डंडों और रॉड से वार कर रहे थे। दोनों पीड़ितों को सिर में गंभीर चोटें आईं। ग्रामीणों ने बताया कि मारपीट इतनी भीषण थी कि पीड़ितों को बचाने की कोशिश करने वाले लोग भी पीछे हट गए। घायलों को आनन-फानन में एंबुलेंस से गोसाईगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। घायल युवकों की पहचान सरई गुदौली गांव निवासी संदीप (22) और राहुल (24) के रूप में हुई है।
घटना के बाद हमलावर मोटरसाइकिल से फरार हो गए। मौके पर पहुंची गोसाईगंज पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सबूत जुटाए। थाना प्रभारी (SHO) गोसाईगंज ने बताया कि आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। SHO ने कहा, “कुछ संदिग्धों की पहचान हो चुकी है और उनकी तलाश जारी है। दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।” पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है ताकि मेले में आगे कोई अप्रिय घटना न हो।
स्थानीय लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि मेले में हर साल भीड़ बढ़ती जा रही है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था कमजोर रहती है। एक बुजुर्ग ग्रामीण रामप्रसाद सिंह ने कहा, “अगर पुलिस की मौजूदगी पर्याप्त होती, तो यह घटना नहीं होती।” वहीं, मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष शिवशंकर जोशी ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि कार्तिक पूर्णिमा मेला आस्था और सद्भाव का प्रतीक है, लेकिन ऐसी घटनाएं पूरे आयोजन को कलंकित कर देती हैं। उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई और स्थायी सुरक्षा प्रबंध की मांग की है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हमलावर आसपास के ही गांवों से हैं और उनमें से कुछ का आपराधिक रिकॉर्ड भी है। फिलहाल ट्रॉमा सेंटर में भर्ती दोनों युवकों की हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने कहा कि जल्द ही आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे और पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। यह घटना एक बार फिर इस सवाल को उठाती है कि धार्मिक मेलों और सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था कितनी नाकाफी है।
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