मॉस्को पर यूक्रेन का सबसे बड़ा ड्रोन हमला, रूस ने गिराए 193 ड्रोन, दो एयरपोर्ट बंद करने पड़े
रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग और भी तेज हो गई है। यूक्रेन ने रूस की राजधानी मॉस्को और अन्य इलाकों पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया है। यह हमला 26 से 27 अक्टूबर की रात को हुआ, जिसने रूस की हवाई सुरक्षा प्रणाली को चुनौती दे दी। रूस ने दावा किया है कि उसने इस दौरान 193 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए हैं। वहीं, इस हमले की वजह से मॉस्को के दो बड़े एयरपोर्ट — डोमोदेदोवो और झुकोव्स्की — को कुछ घंटों के लिए बंद करना पड़ा।
रूसी अधिकारियों के मुताबिक, रविवार रात करीब 10 बजे (स्थानीय समयानुसार) से ड्रोन हमले शुरू हुए और लगभग पांच घंटे तक जारी रहे। रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि केवल मॉस्को पर ही 34 ड्रोन निशाना साध रहे थे। इसके अलावा ब्रियान्स्क क्षेत्र में 47 ड्रोन गिराए गए। इस इलाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई और पांच अन्य लोग घायल हुए। रूस ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने पश्चिम और दक्षिण के 11 अन्य इलाकों में भी दर्जनों ड्रोन को नष्ट किया।
हमलों का सबसे बड़ा असर मॉस्को की हवाई यातायात व्यवस्था पर पड़ा। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने जानकारी दी कि हवाई सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शहर के दो हवाई अड्डों — डोमोदेदोवो और झुकोव्स्की — को करीब ढाई घंटे तक बंद रखना पड़ा। हालांकि रूसी वायु रक्षा ने छह घंटे के भीतर सभी ड्रोन को मार गिराने का दावा किया। इस बीच, ब्रियान्स्क में एक यूक्रेनी ड्रोन ने मिनीबस को निशाना बनाया, जिससे चालक की मौत हो गई और पांच यात्री घायल हो गए।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रूस के इस दावे पर यूक्रेन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। हालांकि, कीव ने पहले कहा था कि उसके हमले केवल रूस के सैन्य ढांचे और युद्ध संचालन से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किए जाते हैं। इस बार भी यूक्रेन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन यह साफ है कि रूस की राजधानी तक ड्रोन पहुंचना उसकी सुरक्षा प्रणाली के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है।
गौरतलब है कि इससे पहले रूस ने भी यूक्रेन पर भारी ड्रोन हमले किए थे। यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक, रूस ने रविवार की रात यूक्रेन पर 101 ड्रोन भेजे थे, जिनमें से 90 को बेअसर कर दिया गया। उन हमलों में कम से कम तीन लोगों की मौत और 29 लोग घायल हुए थे, जिनमें सात बच्चे भी शामिल थे। इस तरह, दोनों देशों के बीच ड्रोन हमलों का यह सिलसिला अब नई तीव्रता के साथ युद्ध के अगले चरण की ओर बढ़ता दिख रहा है।
Share this content:
