April 30, 2026

मलेशिया में ट्रंप की ऐतिहासिक यात्रा: ASEAN शिखर सम्मेलन में ईस्ट तिमोर की एंट्री और थाई-कंबोडिया शांति समझौता बने एजेंडे के केंद्र में

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रविवार को मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर पहुंचे, जहां वे 47वें आसियान (ASEAN) शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। यह किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की लगभग एक दशक बाद मलेशिया की पहली आधिकारिक यात्रा है और ट्रंप के राजनीतिक करियर की इस देश की पहली यात्रा मानी जा रही है। तीन दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ-साथ अमेरिका, चीन, भारत, रूस, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे कई बड़े देशों के नेता भी हिस्सा ले रहे हैं। इस बार का सम्मेलन कई ऐतिहासिक घटनाओं और समझौतों का गवाह बनने वाला है।

आसियान समूह में वर्तमान में 10 देश शामिल हैं — ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम। इस साल इस संगठन में ईस्ट तिमोर को 11वें सदस्य के रूप में शामिल किया जा रहा है। यह देश 2002 में इंडोनेशिया से स्वतंत्र हुआ था और अब इसकी पूर्ण सदस्यता आसियान परिवार के विस्तार का प्रतीक मानी जा रही है। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा कि “ईस्ट तिमोर का जुड़ना दक्षिण-पूर्व एशिया को एकजुट और स्थिर क्षेत्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।”

ट्रंप का एजेंडा इस बार बेहद व्यस्त और कूटनीतिक रूप से अहम है। सम्मेलन के दौरान वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से व्यापारिक वार्ता करेंगे, जबकि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। मोदी के कार्यक्रम में बदलाव के कारण ट्रंप-मोदी मुलाकात की संभावना अब समाप्त हो गई है। भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर 27 अक्टूबर को होने वाले ईस्ट एशिया शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति अपने दौरे के दौरान मलेशिया के साथ एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले हैं, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में नई मजबूती की उम्मीद है।

ट्रंप की यात्रा का एक और बड़ा उद्देश्य थाईलैंड और कंबोडिया के बीच शांति समझौते को अंतिम रूप देना है। यह समझौता उन झड़पों के बाद हो रहा है जिनमें जुलाई 2025 में 40 से अधिक लोग मारे गए और हजारों लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े थे। ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि “यह समझौता दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थिरता बहाल करने की दिशा में बड़ा कदम होगा।” इस समारोह में थाई प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल और कंबोडियाई नेतृत्व भी उपस्थित रहेंगे। बताया गया है कि ट्रंप के पहुंचते ही समझौते पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

आसियान शिखर सम्मेलन में इस बार व्यापार, क्षेत्रीय सुरक्षा, आपसी आर्थिक सहयोग, और शांति समझौतों को प्रमुख एजेंडा बनाया गया है। सम्मेलन के समानांतर ईस्ट एशिया समिट का भी आयोजन हो रहा है, जिसमें अमेरिका, चीन, भारत, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड जैसे देश भाग ले रहे हैं। इसके साथ ही ट्रंप अपनी एशिया यात्रा के अगले चरण में जापान और दक्षिण कोरिया भी जाएंगे और संकेत दिए हैं कि वे उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन से भी मुलाकात कर सकते हैं — जो 2019 के बाद पहली बार होगा।

कुआलालंपुर में चल रहे इस शिखर सम्मेलन को कूटनीतिक और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जहां एक ओर ईस्ट तिमोर की सदस्यता ने आसियान को नई पहचान दी है, वहीं थाई-कंबोडिया शांति समझौता दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थिरता का संदेश दे रहा है। ट्रंप की इस यात्रा से न केवल अमेरिका-आसियान रिश्ते मजबूत होने की उम्मीद है, बल्कि यह यात्रा एशिया में अमेरिकी प्रभाव को फिर से स्थापित करने की दिशा में भी अहम मानी जा रही है।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!