मुंबई: ऑटो सेक्टर के दिग्गज वेनु श्रीनिवासन बने टाटा ट्रस्ट के आजीवन ट्रस्टी, जानिए कौन हैं ये बिजनेसमैन
मुंबई से बड़ी खबर सामने आई है। टाटा ट्रस्ट ने ऑटो सेक्टर के दिग्गज उद्योगपति वेनु श्रीनिवासन को आजीवन ट्रस्टी नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल 23 अक्टूबर को खत्म होने वाला था, लेकिन उससे पहले ही ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से उनकी पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दे दी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब टाटा ट्रस्ट के अंदर मतभेदों और गुटबाजी की खबरें चर्चा में हैं। बताया जा रहा है कि एक गुट नोएल टाटा के समर्थन में है, जिन्होंने रतन टाटा के निधन के बाद चेयरमैन पद संभाला था।
वेनु श्रीनिवासन टीवीएस ग्रुप के मानद चेयरमैन हैं, जो भारत के टू-व्हीलर सेगमेंट में शीर्ष कंपनियों में से एक है। टीवीएस की मौजूदा बाजार हिस्सेदारी 17 प्रतिशत से अधिक है और कंपनी की वैल्यूएशन लगभग 1.75 लाख करोड़ रुपये के आसपास है। हाल ही में वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में टीवीएस के रेवेन्यू में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। श्रीनिवासन को ऑटोमोबाइल उद्योग में उनकी गहरी समझ और दशकों के अनुभव के लिए जाना जाता है।
अब टाटा ट्रस्ट का ध्यान एक और अहम फैसले पर है — यानी मेहुल मिस्त्री की पुनर्नियुक्ति पर, जिनका कार्यकाल 28 अक्टूबर को समाप्त होने वाला है। यह चर्चा है कि क्या उन्हें स्वतः आजीवन कार्यकाल मिल जाएगा या इसके लिए फिर से न्यासियों की सर्वसम्मति आवश्यक होगी। टाटा ट्रस्ट, टाटा संस में 66 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है, जो समूह की मूल होल्डिंग कंपनी है और इसमें करीब 400 कंपनियां शामिल हैं, जिनमें 30 से अधिक सूचीबद्ध हैं।
सूत्रों के अनुसार, टाटा ट्रस्ट की 17 अक्टूबर 2024 की बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया था कि किसी भी ट्रस्टी का कार्यकाल खत्म होने पर, उसे आजीवन आधार पर पुनर्नियुक्त किया जा सकता है। हालांकि, 75 वर्ष की आयु पूरी होने पर ट्रस्टीशिप पर पुनर्विचार किया जाएगा। इस फैसले से यह साफ है कि टाटा समूह अपने अनुभवी नेतृत्व को बनाए रखना चाहता है, ताकि समूह की स्थिरता और दीर्घकालिक दृष्टि बरकरार रहे।
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