May 2, 2026

ईरान में हिजाब विवाद: खामेनेई के करीबी अली शामखानी की बेटी की शादी का वीडियो वायरल, स्ट्रैपलेस गाउन पर मचा बवाल

ईरान में हिजाब को लेकर सख्त नियम लागू हैं, जहां महिलाओं को बाल तक ढकने के लिए मजबूर किया जाता है। ऐसे माहौल में देश के शीर्ष अधिकारी और अयातुल्ला अली खामेनेई के करीबी सहयोगी अली शामखानी की बेटी की शादी का वीडियो वायरल होने के बाद भारी विवाद खड़ा हो गया है। यह वीडियो वर्ष 2024 का बताया जा रहा है, जिसमें उनकी बेटी फातेमा एक स्ट्रैपलेस व्हाइट वेडिंग गाउन में नजर आ रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद शामखानी पर दोहरे मापदंड अपनाने के आरोप लगाए जा रहे हैं, क्योंकि वही व्यक्ति हैं जिन्होंने महिलाओं पर इस्लामी ड्रेस कोड लागू कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

 

अली शामखानी ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (National Security Council) के प्रमुख रह चुके हैं और उन्हें हिजाब के कठोर समर्थक के रूप में जाना जाता है। 2022 में जब पूरे ईरान में हिजाब नियमों के खिलाफ महिलाएं सड़कों पर उतरीं और महसा अमीनी की मौत के बाद व्यापक प्रदर्शन हुए, तब शामखानी उन प्रमुख अधिकारियों में शामिल थे जिन्होंने प्रदर्शनकारियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे। वहीं, उनकी बेटी की शादी का वीडियो सामने आने से जनता में नाराजगी फैल गई है। आलोचकों का कहना है कि जो शासन आम महिलाओं पर कठोर धार्मिक नियंत्रण थोपता है, वही अपने परिवारों पर उन नियमों को लागू नहीं करता।

 

तेहरान के लग्जरी एस्पिनास पैलेस होटल में हुए इस समारोह के वीडियो में शामखानी अपनी बेटी के साथ नजर आ रहे हैं, जबकि वहां मौजूद कई महिलाएं बिना हिजाब के दिखाई देती हैं। उनकी पत्नी भी नीले रंग के चमकदार लेस गाउन में नजर आती हैं और उन्होंने भी सिर पर स्कार्फ नहीं लिया है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर भारी बहस छिड़ गई है। कई यूजर्स ने इसे “दोहरे मापदंड” की मिसाल बताया है। ईरानी मूल की निर्वासित कार्यकर्ता मसीह अलीनेजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि “वही शासन जो महिलाओं को बाल दिखाने पर जेल भेजता है, उसकी शीर्ष महिला स्ट्रैपलेस ड्रेस में शादी करती है।”

 

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह घटना ईरान की सत्ताधारी व्यवस्था की असलियत को उजागर करती है। महसा अमीनी की मौत के बाद हुए प्रदर्शनों में 500 से अधिक लोग मारे गए थे, जिनमें बच्चे भी शामिल थे। अब जब यह वीडियो सामने आया है, तब ईरान में महिलाओं के पहनावे पर निगरानी बढ़ाने की तैयारी चल रही है। रिपोर्टों के अनुसार, सरकार 80,000 “नैतिकता पुलिस” (Morality Police) तैनात करने की योजना बना रही है। ऐसे में इस वीडियो ने जनता में रोष को और बढ़ा दिया है।

 

विवाद बढ़ने के बाद अली शामखानी ने दावा किया कि उनकी बेटी की शादी का यह वीडियो इजराइल द्वारा लीक किया गया है ताकि उनके खिलाफ साजिश रची जा सके। वहीं, ईरान के पूर्व मंत्री एज्जतुल्लाह जरघामी ने शामखानी का बचाव करते हुए कहा कि समारोह केवल महिलाओं के लिए था और शामखानी ने वहां “विनम्रता और संयम” दिखाया। हालांकि, इन स्पष्टीकरणों के बावजूद ईरानी जनता का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। देश में लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि जब आम महिलाओं को हिजाब न पहनने पर सजा दी जाती है, तो सत्ता के नजदीकी परिवारों के लिए यह नियम क्यों नहीं लागू होते।

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