रूस दौरे पर सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल शरा, पुतिन से होंगे अहम मुद्दों पर बातचीत
सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल शरा बुधवार को रूस की राजधानी मॉस्को पहुंचने वाले हैं, जहां उनकी मुलाकात रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से होगी। सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी साना (SANA) के अनुसार, यह राष्ट्रपति अल शरा की मॉस्को की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। इस यात्रा को सीरिया की नई सरकार की अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूत करने और रूस के साथ सहयोग बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि दोनों नेता क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय हालात पर चर्चा करेंगे और आने वाले समय में द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत करने की रणनीति तय करेंगे।
यह दौरा इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि रूस लंबे समय तक पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार का सबसे बड़ा समर्थक रहा है। लेकिन पिछले साल दिसंबर में अल शरा की सेनाओं ने असद शासन को हटा दिया था और तब से सीरिया में नई सत्ता स्थापित हुई है। अब नई सरकार रूस के साथ संबंधों को फिर से संतुलित करने और पुराने तनावों को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति अल शरा रूस में रह रहे सीरियाई प्रवासी समुदाय से भी मुलाकात करेंगे, जिससे दोनों देशों के लोगों के बीच जुड़ाव को और गहराई मिलेगी।
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नेताओं की बैठक में रूस के तर्तूस नौसैनिक अड्डे और खमीमिम एयरबेस पर रूसी उपस्थिति का मुद्दा भी चर्चा में शामिल होगा। माना जा रहा है कि अल शरा पुतिन से पूर्व राष्ट्रपति असद और उनके परिवार को सीरिया को सौंपने की औपचारिक मांग भी कर सकते हैं, जो इस समय रूस में शरण लिए हुए हैं। यह कदम सीरिया की आंतरिक सियासत और न्यायिक प्रक्रिया में एक बड़ा मोड़ ला सकता है।
अहमद अल शरा की राजनीतिक यात्रा भी बेहद दिलचस्प रही है। कभी वे अल-कायदा की सीरियाई शाखा के प्रमुख हुआ करते थे और अबू मोहम्मद अल-जुलैनी नाम से जाने जाते थे। लेकिन बाद में उन्होंने विद्रोही बलों का नेतृत्व करते हुए दमिश्क पर कब्जा किया और एक नई सरकार बनाई। उनके नेतृत्व में असद युग का अंत हुआ और सीरिया ने एक नई दिशा पकड़ी। रूस ने इस नई सरकार के साथ रिश्तों को बनाए रखने की पहल की है और इजराइली हमलों के खिलाफ सीरिया को राजनयिक समर्थन भी दिया है।
रूस और सीरिया के बीच बढ़ते संवाद की शुरुआत फरवरी में हुई थी, जब पुतिन ने अल शरा से फोन पर बात कर सीरिया की एकता और स्थिरता के लिए समर्थन जताया था। इसके बाद जुलाई में रूसी विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव ने सीरिया के विदेश मंत्री असद अल-शिबानी से मॉस्को में मुलाकात की थी। अब अल शरा की यह यात्रा उनके सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने के बाद हो रही है, जहां उन्होंने कहा था कि “सीरिया अब शांति, स्थिरता और समृद्धि का नया अध्याय लिखने जा रहा है।” उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपने देश पर लगे प्रतिबंध हटाने की भी अपील की थी। यह मॉस्को यात्रा न केवल कूटनीतिक दृष्टि से बल्कि सीरिया की वैश्विक छवि सुधारने की दिशा में भी एक अहम कदम मानी जा रही है।
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