May 1, 2026

अयोध्या में 25 नवंबर ध्वजारोहण

अयोध्या में 25 नवंबर का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों से लिखा जाएगा। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर के शिखर पर 21 फीट ऊंचा ध्वज फहराएंगे। यह आयोजन न केवल एक धार्मिक परंपरा का प्रतीक होगा, बल्कि राम मंदिर निर्माण कार्य के पूर्ण होने की औपचारिक घोषणा भी इसी अवसर पर की जाएगी। ध्वजारोहण के साथ प्रधानमंत्री पूरे विश्व को संदेश देंगे कि भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर अब पूरी तरह से तैयार है।

 

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने ध्वज के स्वरूप, रंग और प्रतीक चिन्ह को तय करने की जिम्मेदारी महासचिव चंपत राय को सौंपी है। यह ध्वज केवल अयोध्या का नहीं, बल्कि विश्वभर में भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक बनेगा। ध्वज के रंग और डिजाइन को भगवान श्रीराम के आदर्शों और भारतीय परंपरा की भावना से जोड़ा जाएगा।

 

इस अवसर से पहले 21 नवंबर से 25 नवंबर तक पांच दिवसीय वैदिक अनुष्ठान होंगे। इन अनुष्ठानों में अयोध्या और काशी के विद्वान आचार्य भाग लेंगे और वैदिक रीति से पूजा-पाठ कराएंगे। ध्वजारोहण का आयोजन राम विवाह पंचमी की शुभ तिथि पर किया जाएगा, जिसे बेहद मंगलमय दिन माना जाता है।

 

राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि राम मंदिर केवल भारत का नहीं, बल्कि विश्व का “अंतरराष्ट्रीय राम मंदिर” बने। प्रधानमंत्री चाहते हैं कि यह मंदिर सभी वर्गों और विचारधाराओं के लोगों को एकता और श्रद्धा के सूत्र में जोड़े। यही उद्देश्य इस भव्य ध्वजारोहण समारोह के पीछे निहित है।

 

पांच अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री मोदी ने राम मंदिर का भूमि पूजन किया था और 22 जनवरी 2024 को उन्होंने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई थी। अब, जब मंदिर निर्माण पूर्ण हो चुका है, तो 25 नवंबर को होने वाला यह ध्वजारोहण उस यात्रा की ऐतिहासिक परिणति के रूप में दर्ज होगा।

 

यह 21 फीट ऊंचा ध्वज अयोध्या की आस्था का प्रतीक बनेगा और आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देगा कि समर्पण और एकता से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होने वाला यह ध्वजारोहण भारत की आध्यात्मिक विरासत का एक उज्ज्वल प्रतीक होगा।

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