Explained: प्लैटिनम के आगे फीकी पड़ी सोने-चांदी की चमक, 50 साल में पहली बार रचा नया इतिहास
साल 2025 प्लैटिनम के लिए ऐतिहासिक साबित हो रहा है। इस साल इस कीमती धातु ने न केवल सोने और चांदी जैसी पारंपरिक धातुओं को पीछे छोड़ दिया है, बल्कि 50 साल का पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। वैश्विक बाजारों में प्लैटिनम की कीमतों में 80% से अधिक की तेजी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, महंगे सोने और घटती सप्लाई के बीच ज्वेलरी और इंडस्ट्री में बढ़ती मांग ने इस धातु को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।
50 साल बाद ऐतिहासिक उछाल
प्लैटिनम की कीमतों में इस साल 80% से ज्यादा का उछाल दर्ज किया गया है, जो पिछले 50 वर्षों में सबसे बड़ी तेजी मानी जा रही है। वर्तमान में इसकी कीमत 1,637.75 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई है, जबकि 2024 के अंत में यह 903.83 डॉलर प्रति औंस थी। यानी सिर्फ नौ महीनों में कीमतों में करीब 734 डॉलर का इजाफा हुआ। हालांकि यह अपने 2008 के ऐतिहासिक रिकॉर्ड (2,250 डॉलर प्रति औंस) से अभी भी करीब 27% नीचे है।
सोना और चांदी भी पीछे
मौजूदा साल में जहां सोने में 51% और चांदी में 69% की तेजी देखने को मिली है, वहीं कमाई के मामले में प्लैटिनम दोनों से आगे निकल गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 3,977 डॉलर प्रति औंस और चांदी 49 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार कर रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, निवेशक अब सोने के मुकाबले प्लैटिनम की ओर रुख कर रहे हैं क्योंकि इसका वैल्यूएशन कम और संभावनाएं ज्यादा हैं।
क्यों बढ़ रही है कीमत?
प्लैटिनम की कीमतों में तेजी की बड़ी वजह इसकी सीमित सप्लाई है। दुनिया के सबसे बड़े उत्पादक दक्षिण अफ्रीका में भारी बारिश, बिजली संकट और पानी की कमी के चलते उत्पादन में 24% की गिरावट आई है। वर्ल्ड प्लैटिनम इन्वेस्टमेंट काउंसिल के मुताबिक, 2025 में ग्लोबल मार्केट में 8.5 लाख औंस की सप्लाई की कमी रहेगी, जो लगातार तीसरे साल की कमी होगी। इस कारण बाजार में तंगी का माहौल है और कीमतें ऊंचाई छू रही हैं।
डिमांड 300% बढ़ी
उधर, प्लैटिनम की मांग में भी जबरदस्त उछाल आया है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में कैटेलिक कन्वर्टर्स, हाइड्रोजन एनर्जी और ग्रीन टेक्नोलॉजी में इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। चीन ने भी सस्ते रेट का फायदा उठाते हुए आयात बढ़ाया और ज्वेलरी प्रोडक्शन में 26% की वृद्धि दर्ज की। निवेश के लिहाज से देखें तो प्लैटिनम की इंवेस्टमेंट डिमांड में साल-दर-साल 300% तक की बढ़ोतरी हुई है।
भविष्य में भी तेजी के संकेत
कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में भी प्लैटिनम की चमक बरकरार रहेगी। चॉइस ब्रोकिंग की एनालिस्ट कावेरी मोरे के मुताबिक, 2025 के अंत तक यह धातु 1,753 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि सप्लाई धीरे-धीरे सुधर रही है, लेकिन मांग की रफ्तार उससे कहीं ज्यादा है। ऐसे में सोने और चांदी की तुलना में प्लैटिनम आने वाले सालों में निवेशकों की पहली पसंद बन सकता है।
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