नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से तबाही, 47 की मौत — संकट की घड़ी में Gen-Z फिर बने देश के सहायक
नेपाल में भारी बारिश और भूस्खलन से हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों परिवार विस्थापित हो गए हैं। इस आपदा से निपटने के लिए नेपाल सरकार ने एक बार फिर देश के Gen-Z युवाओं की मदद ली है, जिन्होंने सोशल मीडिया और ग्राउंड लेवल पर अहम भूमिका निभाई है।
नेपाल में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन ने कहर मचा दिया है। बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश ने देश के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। अब तक 47 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 5,000 से ज्यादा परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं। सबसे ज्यादा तबाही पूर्वी नेपाल के इलाम जिले में देखने को मिली, जहां दो दिनों में 37 लोगों की मौत और पांच लोग घायल हुए हैं।
इस संकट की घड़ी में नेपाल सरकार ने युवा शक्ति — यानी Gen-Z — से मदद मांगी है। गृह मंत्रालय ने देशभर में राहत और बचाव कार्यों के बेहतर समन्वय के लिए कई युवा नेताओं को जिम्मेदारी दी है। इनमें सुडान गुरुंग, युजन राजभंडारी और भावना राउत जैसे नाम शामिल हैं। गृह मंत्री ओम प्रकाश अर्याल ने इन युवाओं के साथ आपात बैठक की और बताया कि “कठिन हालात में देश को मजबूत नेतृत्व और तेज़ प्रतिक्रिया की जरूरत है, इसलिए Gen-Z का सहयोग अहम है।”
Gen-Z की भागीदारी ने सोशल मीडिया के जरिए राहत कार्यों को नई दिशा दी है। पंचथर में हुए हादसे की सूचना सबसे पहले युवा सागर ढकाल ने सोशल मीडिया पर साझा की थी, जिससे प्रशासन को समय रहते एक्शन लेने में मदद मिली। जिला प्रशासन ने तुरंत सेना के हेलीकॉप्टर की मदद से दो लोगों को बचाया। अधिकारियों का कहना है कि यदि सोशल मीडिया से यह जानकारी नहीं मिलती, तो बचाव में देरी हो सकती थी।
गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, शनिवार रात से लगातार जिलों से संपर्क बनाए रखना चुनौतीपूर्ण था, ऐसे में Gen-Z युवाओं को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया। सुडान गुरुंग ने राष्ट्रीय आपदा जोखिम प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में भी हिस्सा लिया और फेसबुक पर लाइव वीडियो के जरिए राहत व्यवस्था का अपडेट दिया। उन्होंने कहा कि “हर जिले में एम्बुलेंस और मेडिकल सहायता की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।”
नेपाल के मौसम विभाग के अनुसार, इलाम और आसपास के क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे में करीब 270 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। हालांकि, राहत की खबर यह है कि सोमवार से बारिश में कमी आने की संभावना जताई गई है। फिलहाल, देश के कई जिलों में सेना, पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवकों के साथ मिलकर Gen-Z युवा राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं।
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