चंदौली: STF ने 50 हजार रुपये के इनामी गैंगस्टर को किया गिरफ्तार, गौवंश तस्करी का भंडाफोड़
मुख्य गिरफ्तारी में STF की बड़ी सफलता, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों तक फैला था तस्करी का नेटवर्क
उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 50 हजार रुपये के इनामी गैंगस्टर मोहम्मद नसीम को गिरफ्तार किया है। नसीम प्रयागराज का निवासी है और गौवंशीय पशुओं की तस्करी से जुड़े एक बड़े गिरोह का सक्रिय सदस्य माना जाता है। STF को आरोपी की सक्रियता की सूचना मिलने के बाद 3 अक्टूबर को पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र से दबिश दी गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के समय उसके खिलाफ पहले से जारी नॉन-बेलेबल वारंट (NBW) का भी इस्तेमाल किया गया।
पूछताछ में नसीम ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि उसका गिरोह उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब से गौवंशीय पशु खरीदकर असम, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में तस्करी करता था। यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और उसकी जानकारी STF को गुप्त सूत्रों से मिल रही थी। तस्करी का यह नेटवर्क बड़े पैमाने पर फैला हुआ था और विभिन्न राज्यों में इसके सदस्यों की पहचान की जा रही है।
मोहम्मद नसीम का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। फरवरी 2023 में वह पहले भी चंदौली पुलिस के हत्थे चढ़ चुका था, लेकिन अक्टूबर 2023 में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज होने के बाद वह फरार हो गया। फरारी के दौरान वह हरियाणा, मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद में छिपा हुआ था। उसके खिलाफ चंदौली के विभिन्न थानों में तीन मुकदमे दर्ज हैं, वहीं उन्नाव और प्रतापगढ़ में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं।
STF की इस कार्रवाई के बाद आरोपी को चंदौली थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 292/2023, धारा 3(1) UP गैंगस्टर एक्ट के तहत कोर्ट में पेश किया गया। स्थानीय पुलिस उसके आपराधिक नेटवर्क और अन्य साथियों की तलाश में तेजी ला रही है। इस गिरफ्तारी को गौवंश तस्करी के बड़े गिरोह पर एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से न केवल तस्करी के कारोबार में व्यवधान आएगा, बल्कि अपराधियों में डर का माहौल भी बनेगा। STF ने बताया कि नसीम और उसके गिरोह के अन्य सदस्य उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में अवैध गतिविधियों में शामिल थे। अब इसकी जांच को और तेज कर उसके नेटवर्क के अन्य सदस्य भी पकड़ में लाने की कोशिश की जा रही है।
इस गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार और कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाले विभाग अपराधियों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाए हुए हैं। STF की सतर्कता और स्थानीय पुलिस के सहयोग से बड़े अपराधियों को पकड़कर उनके नेटवर्क को तोड़ने का काम सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
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