बहराइच में वरिष्ठ पत्रकार पर जानलेवा हमला — पुलिस ने दर्ज की FIR लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं
गजाधरपुर गांव में कल सुबह करीब दस बजे वरिष्ठ पत्रकार और गौ रक्षा प्रमुख डॉ. कपिल शुक्ला के साथ भयावह हमला हुआ। डॉ. शुक्ला अपने खरीदे मकान की छत डालवाने के लिए गए थे, तभी अचानक अजीजपुर से आए एक दबंगों के समूह ने उन पर लाठी-डंडा और रॉड से हमला कर दिया। घटना पूरी तरह से संगठित और आश्चर्यजनक मानी जा रही है।

हमले में प्रमोद कुमार शुक्ला, पप्पू शुक्ला, शिवकुमार शुक्ला और नितिन शुक्ला समेत कई लोग शामिल थे। उन्होंने पहले पीड़ितों पर बेरहमी से हमला किया, फिर मौके पर मौजूद लोगों को रोकने की कोशिश की। हमलावरों ने मारपीट के साथ-साथ लूटपाट भी की, जिसमें मनोज शुक्ला की सोने की चैन और मोबाइल तथा अमित शुक्ला का मोबाइल शामिल था।
हमले में डॉ. कपिल शुक्ला और उनके पुत्र अमित कुमार गंभीर रूप से घायल हुए। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों की स्थिति गंभीर थी, जिससे आसपास के लोग और परिवारजन घटनास्थल पर जमा होकर मदद के लिए गुहार लगाने लगे।
घायलों के परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि प्रमोद शुक्ला एक जानी-पहचानी दबंग और भूमाफिया है, जो लंबे समय से ग्राम सभा की जमीनों पर अवैध कब्जा कर रहा है। पहले भी इस गिरोह के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन कार्रवाई नगण्य रही। पीड़ितों का कहना है कि यही उपेक्षा और संरक्षण इस हिंसा का मुख्य कारण है।

पुलिस ने अब इस घटना पर FIR दर्ज कर जांच शुरू की है। हालांकि परिवार और ग्रामीण केवल FIR से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि दोषियों की गिरफ्तारी, लूटे गए सामान की बरामदगी और सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रभावित परिवार और ग्रामीण 48 घंटे के भीतर ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, अन्यथा वे पुलिस थाने और प्रशासन घेराव, धरना और याचिका-आंदोलन के जरिए अपना अधिकार हासिल करेंगे।
यह मामला अब केवल एक हमले का नहीं रह गया है, बल्कि यह पुलिस प्रशासन की जवाबदेही और कानूनी व्यवस्था की चुनौती बन गया है। ग्रामीण और पीड़ित परिवार का कहना है कि न्याय तभी मिलेगा जब दोषियों को त्वरित, पारदर्शी और कठोर कार्रवाई के तहत पकड़ा जाएगा।
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