IND A vs AUS A: साई सुदर्शन का शानदार शतक, वेस्टइंडीज सीरीज से पहले दिखाई धमाकेदार फॉर्म
ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ जमाया शतक, दो अनऑफिशियल टेस्ट मैचों में लगातार रनों की बरसात
भारत के युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले बेहतरीन फॉर्म में नजर आ रहे हैं. लखनऊ में खेले गए दूसरे अनाधिकारिक टेस्ट मैच के चौथे दिन उन्होंने ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ शानदार शतक ठोककर सबका ध्यान खींच लिया. सुदर्शन ने अपनी पारी में धैर्य और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाया और भारतीय टीम मैनेजमेंट को भरोसा दिलाया कि टेस्ट क्रिकेट में उनका भविष्य सुरक्षित है.
सुदर्शन ने ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ इस मैच की पहली पारी में 140 गेंदों में 6 चौके और 1 छक्का लगाकर 75 रन बनाए थे. हालांकि तब वह शतक से चूक गए थे, लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी. उन्होंने 170 गेंदों में 9 चौके और 1 छक्के की मदद से 100 रन पूरे किए. शतक लगाने के तुरंत बाद वे आउट हो गए, लेकिन इससे पहले केएल राहुल के साथ चौथे विकेट के लिए 78 रनों की अहम साझेदारी निभाई. इस साझेदारी ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया.
अगर उनके हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें तो साई सुदर्शन लगातार रन बना रहे हैं. पहले अनाधिकारिक टेस्ट मैच में उन्होंने 73 रनों की पारी खेली थी. इसके बाद दूसरे मैच की पहली पारी में 75 और अब दूसरी पारी में उन्होंने शतक जड़ा. यानी ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ इस सीरीज में उन्होंने दो अर्धशतक और एक शतक लगाकर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया है. क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि टीम इंडिया का नंबर-3 स्थान अब सुदर्शन के सुरक्षित हाथों में है.
सुदर्शन को इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट डेब्यू करने का मौका मिला था. हालांकि डेब्यू पारी उनके लिए निराशाजनक रही थी, जब वे बिना खाता खोले आउट हो गए थे. लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए अगली पारी में 30 रन बनाए और फिर पूरी सीरीज में तीन टेस्ट मैचों की छह पारियों में 140 रन जुटाए. उनका औसत 23.33 रहा, जिसमें एक अर्धशतक शामिल था. भले ही शुरुआत उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही, लेकिन अब उन्होंने अपनी फॉर्म से सभी को प्रभावित कर दिया है.
वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज में साई सुदर्शन का प्रदर्शन बेहद अहम रहने वाला है. उनकी बल्लेबाजी का आत्मविश्वास और लंबे समय तक क्रीज पर टिकने की क्षमता भारतीय टीम के लिए बड़ी ताकत साबित हो सकती है. इस शतक से उन्होंने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को पहले ही चेतावनी दे दी है कि सीरीज में उन्हें सुदर्शन से निपटना आसान नहीं होगा. अगर उनका बल्ला ऐसे ही चलता रहा तो भारतीय टेस्ट टीम को एक भरोसेमंद नंबर-3 बल्लेबाज मिल जाएगा.
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