April 25, 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति ने टायलेनॉल को बताया ऑटिज्म का कारण, मेडिकल जगत ने करार दिया गैर-जिम्मेदाराना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। इस बार उन्होंने गर्भवती महिलाओं और उनकी दवा उपयोग पर ऐसा विवाद खड़ा कर दिया है, जिस पर चिकित्सा जगत में हलचल मच गई है। ट्रंप का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान टायलेनॉल (Tylenol) का सेवन करने से बच्चों में ऑटिज्म का खतरा बढ़ सकता है। यह दावा इसलिए चौंकाने वाला है क्योंकि अब तक इस दवा को गर्भवती महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता रहा है।

ऑटिज्म एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल विकार है जिसमें बच्चे की भाषा, संवाद और सामाजिक जुड़ाव की क्षमता प्रभावित होती है। ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि अगर जरूरी न हो तो गर्भवती महिलाएं दर्द और बुखार सह लें। उनके इस बयान ने डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है। लंबे समय से मेडिकल जगत टायलेनॉल को गर्भावस्था के दौरान इस्तेमाल होने वाली सबसे सुरक्षित दवा मानता आया है, खासकर तब जब आइबूप्रोफेन और एस्पिरिन जैसी दूसरी दवाएं खतरनाक साबित हो सकती हैं।

दरअसल, टायलेनॉल एसिटामिनोफेन (Acetaminophen) का ब्रांड नाम है, जिसे दुनियाभर में दर्द और बुखार कम करने के लिए व्यापक रूप से प्रयोग किया जाता है। व्हाइट हाउस से संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि एफडीए (FDA) डॉक्टरों को चेतावनी भेजेगा कि गर्भावस्था में इसका सेवन नवजात में ऑटिज्म का खतरा बढ़ा सकता है। इतना ही नहीं, उन्होंने वैक्सीन शेड्यूल पर भी सवाल उठाए और हेपेटाइटिस-बी का टीका जन्म के तुरंत बाद लगाने के बजाय 12 साल की उम्र में देने की बात कही।

हालांकि वैज्ञानिक ट्रंप के दावे से सहमत नहीं हैं। CNN की एक रिपोर्ट के अनुसार, स्वीडन में 2024 में किए गए एक बड़े अध्ययन (करीब 20 लाख बच्चों पर) में एसिटामिनोफेन और ऑटिज्म के बीच कोई सीधा संबंध नहीं मिला। हां, कुछ छोटे शोध और समीक्षाओं में इसके इस्तेमाल और न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर के बीच संबंध जरूर दिखा है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल “एसोसिएशन” है, कारण नहीं। अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्स्टेट्रिशन एंड गायनाकोलॉजिस्ट्स ने ट्रंप के बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताया और चेताया कि इससे गर्भवती महिलाओं में अनावश्यक डर फैल सकता है।

टायलेनॉल बनाने वाली कंपनी ने भी ट्रंप की बातों को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि यह दवा अब भी गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित विकल्प है, क्योंकि अगर दर्द या बुखार का इलाज न किया जाए तो मां और बच्चे दोनों के लिए खतरा और बढ़ सकता है। डॉक्टरों की राय है कि गर्भवती महिलाएं किसी भी दवा का सेवन केवल चिकित्सक की सलाह से करें और न्यूनतम खुराक में ही लें।

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