May 1, 2026

रूस ने यूक्रेन पर 619 ड्रोन और मिसाइलें दागीं, 3 की मौत, 26 से ज्यादा घायल  

रूस ने शनिवार को यूक्रेन के नौ विभिन्न क्षेत्रों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमला किया, जिसमें ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। इस हमले में 3 लोगों की मौत हो गई जबकि 26 से ज्यादा नागरिक घायल हो गए। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि रूस का यह हमला केवल डर का माहौल बनाने और देश के बुनियादी ढांचे को तबाह करने की साजिश है। हमले का सबसे ज्यादा असर द्निप्रोपेट्रोस, मायकोलाइव, चेर्निहाइव, जापोरिजिया, पोल्टावा, कीव, ओडेसा, सुमी और खार्किव जैसे क्षेत्रों में देखा गया। रूस ने इस दौरान रिहायशी इलाकों, निजी संस्थानों और इंफ्रास्ट्रक्चर को मुख्य रूप से निशाना बनाया।

 

यूक्रेन की वायुसेना ने दावा किया कि रूस ने कुल 619 ड्रोन और मिसाइलें दागीं। इनमें 579 ड्रोन, 8 बैलिस्टिक मिसाइलें और 32 क्रूज मिसाइलें शामिल थीं। हालांकि यूक्रेन ने बड़ी संख्या में हमलों को नाकाम कर दिया। सेना ने 552 ड्रोन, 2 बैलिस्टिक मिसाइलें और 29 क्रूज मिसाइलों को मार गिराया, जिससे और बड़े पैमाने पर नुकसान होने से रोका गया। इसके बावजूद कई इलाकों में इमारतों, घरों और सार्वजनिक ढांचे को नुकसान पहुँचा। द्निप्रो में क्लस्टर हथियारों से लैस एक मिसाइल ने बहुमंजिला इमारत पर प्रहार किया, जिसके चलते कई लोगों के घायल होने और इमारत को आंशिक रूप से ध्वस्त होने की खबर है।

 

हमलों के बाद राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि रूस की यह रणनीति लंबे समय से नागरिकों को डराने, देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने और युद्ध को और ज्यादा फैलाने के लिए अपनाई जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में वह संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होंगे, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की संभावना है। इस मुलाकात में चल रहे युद्ध और मानवीय मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। अमेरिका और यूक्रेन की प्रथम महिलाएं भी बच्चों के मानवीय संकट पर बातचीत कर सकती हैं।

 

इसी बीच यह विवाद एस्टोनिया तक पहुँच गया है। एस्टोनिया ने दावा किया कि रूस के तीन लड़ाकू विमान शुक्रवार को उसके हवाई क्षेत्र में बिना अनुमति दाखिल हुए और लगभग 12 मिनट तक वहाँ उड़ते रहे। इस पर नाराजगी जताते हुए एस्टोनिया ने एक रूसी राजनयिक को तलब किया है और नाटो के अनुच्छेद 4 के तहत परामर्श की मांग की है। इस अनुच्छेद का प्रयोग तब किया जाता है जब किसी सदस्य देश की सुरक्षा, स्वतंत्रता या क्षेत्रीय अखंडता को खतरा महसूस होता है। हालांकि रूस ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है और कहा है कि उसके लड़ाकू विमानों ने किसी भी तरह का हवाई उल्लंघन नहीं किया।

 

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा यह टकराव अब केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पड़ोसी और नाटो सदस्य देशों की सुरक्षा चिंताओं को भी गहरा कर रहा है। युद्ध का यह नया चरण यह साबित करता है कि आने वाले समय में यूरोप की स्थिरता और सुरक्षा के लिए खतरे और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं।

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