April 17, 2026

सूर्यकुमार यादव-सलमान आगा के बीच नो हैंडशेक विवाद का सच आया सामने, पीसीबी खुद फंसा जाल में

भारत और पाकिस्तान के बीच 14 सितंबर को खेले गए मुकाबले में खिलाड़ियों का हाथ न मिलाना चर्चा का बड़ा विषय बन गया था। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने इस विवाद का ठीकरा मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट पर फोड़ा और उन पर आरोप लगाया कि उन्होंने खिलाड़ियों को हाथ मिलाने से रोका था। हालांकि ताजा मीडिया रिपोर्ट्स ने इस मामले का पूरा सच सामने ला दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पायक्रॉफ्ट की कोई गलती नहीं थी। उन्होंने वही आदेश माने जो उन्हें एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) की ओर से दिए गए थे। आदेश था कि भारत और पाकिस्तान के कप्तान टॉस के समय हाथ न मिलाएं।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एसीसी के अध्यक्ष खुद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ मोहसिन नकवी हैं। यानी इस आदेश की जिम्मेदारी सीधे तौर पर उन्हीं पर आकर टिकती है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट बताती है कि 15 सितंबर को पीसीबी ने आईसीसी को ई-मेल कर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने दावा किया कि पायक्रॉफ्ट ने आचार संहिता का पालन नहीं किया। लेकिन आईसीसी की जांच में साफ हो गया कि पायक्रॉफ्ट ने कोई गलती नहीं की और उन्होंने केवल निर्देशों का पालन किया। आईसीसी ने तो यहां तक कहा कि उन्होंने इस मामले को बेहद सलीके से संभाला ताकि टीवी पर कोई असहज स्थिति न दिखे।

हालांकि, आईसीसी के इस जवाब से पीसीबी संतुष्ट नहीं हुआ और उसने एशिया कप से हटने की धमकी तक दे डाली। उन्होंने कहा कि अगर पायक्रॉफ्ट को उनके मैचों के रोस्टर से नहीं हटाया गया तो वो टूर्नामेंट से बाहर हो जाएंगे। लेकिन आईसीसी ने साफ कर दिया कि किसी टीम की मांग पर अधिकारी बदले नहीं जा सकते। यह एक गलत मिसाल पेश करेगा और खेल की साख को चोट पहुंचेगी। इसके बावजूद पीसीबी ने 17 सितंबर को एक और ई-मेल किया और मैच रेफरी पर फिर से सवाल उठाए। आईसीसी ने जवाब में उनसे और जानकारी मांगी, लेकिन अब तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला।

विवाद का असर पाकिस्तान और यूएई के बीच खेले गए मैच पर भी पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान टीम निर्धारित समय पर होटल से मैदान नहीं निकली। स्थिति बिगड़ती देख खुद पायक्रॉफ्ट ने पहल की और पाक कप्तान सलमान आगा, मैनेजर नवीज अकरम चीमा और कोच माइक हेसन के साथ बैठक बुलाई। बैठक में इस गलतफहमी पर चर्चा की गई। इस दौरान पायक्रॉफ्ट ने कोई माफी नहीं मांगी, लेकिन पाकिस्तान मीडिया दावा कर रहा है कि रेफरी ने माफी मांग ली। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में भी कोई आवाज नहीं है, जिससे स्थिति और उलझ गई है।

अब यह साफ हो गया है कि पूरा विवाद पीसीबी की बनाई हुई कहानी का हिस्सा है। मोहसिन नकवी के नेतृत्व वाली एसीसी ने ही नो हैंडशेक का आदेश दिया और बाद में उन्हीं के बोर्ड ने इसका दोष दूसरों पर मढ़ने की कोशिश की। इस खुलासे ने पाकिस्तान की किरकिरी करा दी है और क्रिकेट जगत में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर खेल को राजनीति का शिकार क्यों बनाया जा रहा है।

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