April 20, 2026

हरदोई: 12 साल की लड़की से गैंगरेप, दो युवक गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 12 साल की नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। आरोपी, 21 वर्षीय रुस्तम यादव (ITI छात्र) और 19 वर्षीय प्रयांशु (डी फार्मा छात्र), ने लड़की को उसके जन्मदिन के बहाने एक दोस्त के घर ले जाकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। यह घटना 30 अगस्त, 2025 को कोतवाली शहर क्षेत्र में हुई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) सहित सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों को जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, पीड़िता उसी मोहल्ले में रहती थी, जहां आरोपी किराए के मकान में रहते थे। दोनों ने समय के साथ लड़की को टॉफी और चॉकलेट देकर उसका भरोसा जीता। 30 अगस्त को, जब वह अपने स्कूल से लौट रही थी, तब आरोपियों ने उसे जन्मदिन की पार्टी मनाने के बहाने रोका। मासूम लड़की उनकी बातों में आ गई और बिना कुछ सोचे-समझे उनके साथ चली गई। इसके बाद, वे उसे अपने एक दोस्त के घर ले गए, जहां उन्होंने उसके साथ जबरदस्ती की और सामूहिक दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, उन्होंने लड़की को धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया, तो उसे और उसके परिवार को जान से मार देंगे।

यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता के माता-पिता ने उसकी बदली हुई हरकतों को देखा। डरी-सहमी लड़की से जब परिजनों ने पूछताछ की, तो उसने सारी आपबीती सुनाई। शुक्रवार, 12 सितंबर, 2025 को पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज की। शिकायत में बताया गया कि आरोपियों ने बंदूक और तमंचे होने का दावा करते हुए लड़की को डराया और कहा कि अगर वह दोबारा उनके बुलाने पर नहीं आई, तो उसे और उसके माता-पिता को मार देंगे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र के पलिया पूरब गांव के रहने वाले रुस्तम और प्रयांशु को गिरफ्तार कर लिया।

यह घटना स्थानीय समुदाय में आक्रोश का कारण बन गई है और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठा रही है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके। आरोपी भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। यह घटना समाज में बच्चों को शिकारियों से बचाने के लिए जागरूकता और कठोर उपायों की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है।

इस तरह की घटनाएं समाज में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के महत्व को उजागर करती हैं। अभिभावकों और स्कूलों को बच्चों को अजनबियों पर भरोसा करने के खतरों के बारे में जागरूक करने की जरूरत है। साथ ही, ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को और सख्त कदम उठाने होंगे ताकि भविष्य में इस तरह की वारदातें न हों। (कुल शब्द: 420)

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